डाही गांव की एक युवती को इलाज के बहाने तहसील ले जाकर उसकी जमीन रजिस्ट्री करा ली गई। इसकी जानकारी उसे पांच महीने बाद तब हुई, जब उसकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश हुई। शिकायत पर एसडीएम ने तहसीलदार को जांच का निर्देश दिया है।
पिपरी थाना क्षेत्र के डाही गांव की रहने वाली कमला देवी की शादी चरवा के शाहीपुर गांव में हुई है। विवाहिता की मानें तो उसे मायके से सात बिस्वा जमीन मिली है। मायके की जमीन पर उसका कब्जा भी है। कुछ दिनों से उसकी तबीयत खराब रहने लगी है। 13 अगस्त 2015 को गांव के दो व्यक्ति उसे इलाज कराने के बहाने चायल ले गए। वहीं फर्जीवाड़ा करते हुए इन दोनों ने उसकी मायकेवाली जमीन अपने नाम रजिस्ट्री करा ली। दो दिन पहले इन लोगों ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया।
इसकी जानकारी पर जब वह वहां गई, तो कब्जेदार उसे मारने के लिए दौड़ा लिया था। इन लोगों ने इस जमीन का बैनामा करा लेने की बात कहते हुए जानलेवा धमकी भी दी। वह तहसील गई। एक वकील के माध्यम से इसकी जानकारी कराई, तो जमीन की रजिस्ट्री होने की पुष्टि हुई। मंगलवार को पीड़िता ने उपजिलाधिकारी से शिकायत की। एसडीएम ने पीड़िता को जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिया है। उपजिलाधिकारी अश्विनी कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत मिली है। तहसीलदार को मामले की जांच का निर्देश दिया है।