पइंसा (कौशाम्बी)। जनपद के सीमावर्ती गांव किशुनदासपुर (फतेहपुर) के 10 दिन से लापता किशोर का कटा हुआ सिर पइंसा के अफजलपुर गांव करीब एक खेत में मिला। कपड़े और चप्पल देखकर पिता और भाई ने शव की शिनाख्त की। एसओ पइंसा ने बताया कि हत्या कहीं अन्यत्र करके सिर यहां फेंका गया है। पुलिस किशोर की लाश की खोजबीन में घंटों परेशान रही, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा।
फतेहपुर जिले के खखरेरू कोतवाली क्षेत्र के किशुनदासपुर गांव के रहने वाले राजाराम कोरी ने बताया कि उसका 12 वर्षीय लड़का जियालाल 15 मार्च की शाम खेत की ओर गया था, तभी से लापता था। कई दिनों तक खोजबीन के बाद उन्होंने मंगलवार को बेटे के गायब होने की तहरीर खखरेरू कोतवाली में दी थी। इधर, खखरेरू पुलिस मामला दर्ज करके किशोर की खोजबीन शुरू करती। इससे पहले ही बुधवार की शाम फतेहपुर-कौशाम्बी की सीमा में बसे मोहब्बतपुर पइंसा कोतवाली के गांव अफजलपुर के समीप अरहर के खेत में कटा हुआ सिर ग्रामीणों ने देखा। कटा हुआ सिर मिलने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना से मौके पर भीड़ जमा हो गई। पुलिस भी आई। उधर, खेत में कटा हुआ सिर मिलने की भनक लगते ही किशुनदासपुर गांव के लोगों के साथ राजाराम भाई अपने बड़े बेटे के साथ आए। उन्होंने कपड़े और चप्पल से इस सिर की शिनाख्त अपने लापता बेटे जियालाल के रूप में की।
सिर की शिनाख्त होने के बाद गांववालों और पइंसा पुलिस घंटों शव की तलाश में जुटी रही, लेकिन शव का सुराग नहीं लगा। एसओ पइंसा ने बताया कि प्रकरण की तस्दीक की जा रही है। जांच के बाद ही घटना की सच्चाई का पता चलेगा। उधर, किशोर की हत्या किसने और क्यों की। इस बावत उसके पिता और परिवार का कोई भी सदस्य कुछ नहीं बता सके। घरवालों के मुताबिक उनकी किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं है।