बालू खनन में वर्चस्व की जंग को लेकर बुधवार को एक बार फिर यमुना घाटी सुलगने लगी। सरायअकिल के नंदा का पुरवा घाट पर सिंडीकेट के गुर्गों और लोगों के बीच जमकर हंगामा हुआ। मामला बिगड़ता देख किसी ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उग्र लोगों को शांत कराया। वहीं, मामले में सीओ चायल ने यमुना घाट पर किसी तरह के बवाल होने की जानकारी से इंकार किया है।
दोआबा के यमुना घाटों पर जोरों से बालू का अवैध खनन जारी है। रोजाना सैकड़ों ट्रक ओवर लोड बालू की निकासी की जा रही है।
बुधवार को सरायअकिल के नंदा का पुरवा यमुना घाट पर सिंडीकेट के गुर्गे और स्थानीय बालू कारोबारी आमने-सामने हो गए। दो पक्षों में तीखी झड़प होती देख मौके पर लोगों का मजमा जमा हो गया। बताया जा रहा है कि जबरन रास्ता बनाकर बालू का खनन कराया जा रहा है। जिसे लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध किया था। यमुना घाट पर बवाल की आशंका जताते हुए लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उग्र लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। मामले में सीओ चायल रामभवन का कहना है कि घाट पर किसी तरह का कोई बवाल नहीं हुआ है।
कौशंबी के यमुना घाट पर बालू के अवैध खनन का सिलसिला जारी है। पश्चिमशरीरा के पभोषा, डढ़ावल और महेवाघाट इलाके में सिंडीकेट के नाम पर बालू का खनन कराया जा रहा है। रात दस बजे के बाद यमुना घाटों पर जेसीबी गरजने लगती है। सुबह होते-होते सैकड़ों ट्रक बालू डंप कर दिया जाता है। बताया जा रहा है कि जानकारी के बाद भी जिम्मेदार खामोश है।