जानवर चोरी करने के शक में रविवार सुबह परई गांव में जमकर बवाल हुआ। एकजुट होकर सैकड़ों ग्रामीणों ने दूसरे गुट के तीन व्यक्तियों के घरों पर हमला बोल दिया। ग्राम सभा की जमीन कब्जा कर मकान बनाने का आरोप लगाते हुए जमकर तोड़फोड़ की। गृहस्थी का सारा सारा सामान तालाब में फेंकने के साथ मकान भी धराशाई कर दिए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। कई थानों की फोर्स लेकर अफसर गांव पहुंचे तब हमलावर भागे। मामले में पुलिस ने 35 नामजद और 70-80 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दर्जन भर लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। तनाव के मद्देनजर प्रशासन ने गांव में भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी है। इसके साथ ही कप्तान ने थानाध्यक्ष पश्चिमशरीरा को हटाते हुए हल्का दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया है।
पश्चिमशरीरा थाना क्षेत्र के परई गांव के बसंतलाल की तीन भैंसें दो दिन पहले चोरी हो गई थीं। बसंत और ग्रामीणों ने गांव के बाहर तालाब किनारे घर बनाकर रहने वाले सगीर उर्फ पुल्ला, इदरीश और निसार आदि पर जानवर चोरी करने का शक जाहिर किया। इसी आशंका पर रविवार सुबह करीब 10 बजे लाठी-डंडा लेकर गांववालों ने इन तीनों के घरों पर हमला बोल दिया। ग्राम सभा की जमीन कब्जा कर मकान बनाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने तीनों घरों में घुस जमकर तोड़फोड़ की। विरोध करने पर घरवालों को पीटना शुरू कर दिया। जान बचाने के लिए चीखते चिल्लाते तीनों घरों के लोग भागे तो हमलावर ग्रामीणों ने उनके मकान ढहा दिए। सूचना पाकर आनन-फानन में एसपी एसए पंकज, एएसपी ओपी पांडेय, सीओ और कई थानों की फोर्स, पीएसी लेकर गांव पहुंचे। इसके बाद हमलावर भागे और पीड़ितों की जान बची। पुलिस ने भाग रहे हमलावरों में से खदेड़कर दर्जन भर लोगों को हिरासत में ले लिया। भुक्तभोगी सगीर आदि की तहरीर पर 35 नामजद और 70-80 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है। घटना से इलाके में तनाव है। पुलिस अधीक्षक एसए पंकज ने घटना के लिए थानाध्यक्ष भास्कर मिश्र को जिम्मेदार मानते हुए प्रभार छीनते हुए क्यूआरटी का प्रभारी बना दिया जबकि हल्का दरोगा वीरेंद्र कुमार मलिक को लाइन भेज दिया।