फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दरिंदगी देख लोगों का कांप उठा कलेजा

Sat, 13 May 2017 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
विज्ञापन
क्राइम
विज्ञापन
 सिंघवल का पुरा गांव में गुरुवार की रात बदमाशों ने आंगन में सो रही विवाहिता के साथ हैवानियत की। सामूहिक दुराचार करने के बाद विवाहिता को बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया। तीन बाद विवाहिता की विदाई होनी थी। इसके पहले ही उसके साथ ऐसा हश्र हुआ कि सुनने वालों की रूह कांप जा रही है। बेखौफ बदमाशों की दरिंदगी को देख गांव के लोग सहमे हैं। बहू-बेटियाें में दहशत  है। बेटी के साथ हुए अत्याचार पर मां-बाप  की हालत खराब हैं।
विज्ञापन


    छेदीलाल सिंह की दो बेटियां थीं। बड़ी बेटी गुड्डन बाखरगंज में ब्याही है। छोटी बेटी आशा की शादी छेदीलाल सिंह ने 24 अप्रैल को जगन्नाथपुर के यशवंत सिंह के साथ की थी। सात मई को परिजन आशा को ससुराल से बुलाकर लाए थे। 16 मई को आशा की विदाई थी। विदाई की तारीख तय थी, इसलिए माता-पिता ने तैयारी कर रखी थी। विदाई होती इसके पहले आशा देवी दरिंदगी का शिकार हो गई। गुरुवार की रात घर में घुसे बेखौफ बदमाशों ने लूटपाट के बाद सामूहिक दुराचार किया। इसके बाद निर्वस्त्र शव को जलाने की भी कोशिश की गई। उसके ऊपर गद्दा फेंक कर आग लगाई गई थी, लेकिन शव आंशिक रूप से ही जला।

आशा के शरीर पर कई जगह चाकू के गहरे निशान थे। गला घोंटा गया था, इससे आंखें बाहर निकल आई थीं। पुलिस की टीमें दिन भर गांव में ही सक्रिय रहीं और ग्रामीणों के जरिए ही बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास करती रहीं, फिलहाल अभी पुलिस के हाथ सुराग नहीं लगा है। संदिग्धों की तलाश में छापेमारी हो रही है। देर शाम विवाहिता के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। विवाहिता के ससुराली भी इस घटना से हतप्रभ हैं।
विज्ञापन


आशा का मोबाइल ही दरिंदों को करेगा बेनकाब
आशा प्रकरण में पुलिस ने तफ्तीश तेज कर दी है। पुलिस की निगाह घूम कर गांव में ही टिक जा रही है। घटना के बाद बदमाश आशा का मोबाइल लेकर भाग निकले हैं। पुलिस मोबाइल के जरिए घटना का राजफाश करने में जुटी है। इसके अलावा पुलिस का मानना है कि इस घटना में गांव के किसी एक व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध हो सकती है। यही कारण है कि पुलिस घटना के बाद गांव से गायब हुए लोगों का पता लगाने में जुट गई है।

   आशा की हत्या के मामले में पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के बाद गांव से कितने लोग गायब हुए हैं। इनकी बाकायदा सूची बनाई जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गांव का आदमी गुरुवार की रात कहां था। आशा के साथ हैवानियत करने वाले बदमाश लूटपाट के बाद उसका मोबाइल भी उठा लेे गए हैं। पुलिस मोबाइल के जरिए बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस का मानना है कि इस घटना में गांव का कोई न कोई व्यक्ति शामिल है। सीढ़ी लगाकर बदमाश अंदर घुसे और दुराचार किया और भाग निकले। पुलिस को आशंका है कि गांव के ही किसी व्यक्ति के इशारे पर इतनी बड़ी वारदात हुई है। इस संदिग्ध की खोज की जा रही है। गांव के एक-एक व्यक्ति से पूछताछ इस मामले में की जा रही है।

दो महीने बाद एक विवाहिता से फिर हुई दरिंदगी
जिले में बहू-बेटियां न घर के भीतर सुरक्षित हैं , न ही बाहर। हाल के दिनों में ऐसी-ऐसी घटनाएं हुई हैं कि सुनकर लोग कांप उठते हैं। समाज को झकझोरने वाली वारदातों को अपराधी अंजाम दे रहे हैं, वह भी बेखौफ होकर। दो महीने पहले कोखराज के इमामगंज में अपहरण कर महिला से सामूहिक दुराचार करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। लोग इस घटना को भुला नहीं पाए थे कि आशा देवी हैवानों का शिकार हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें