आंगनबाड़ी कत्रियों और सहायिकाओं के एरियर भुगतान में मनमानी करना मूरतगंज की तत्कालीन सीडीपीओ को महंगा पड़ा है। अभिलेखों में हेराफेरी करके गलत खातों में रकम भेजने के आरोप में बुधवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी ने मंझनपुर कोतवाली में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। डीपीओ का कहना है कि वर्ष 2011 और 2012 का एरियर भुगतान अब तक कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को नहीं हुआ है। जांच में यह मनमानी सामने आई।
मूरतगंज ब्लॉक में वर्ष 2011 में तैनात रही तत्कालीन बाल विकास परियोजना अधिकारी बबिता देवी ने दर्जनों आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के एरियर भुगतान में मनमानी की है। जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने एरियर भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत की थी। मामले की जांच की गई, तो पता चला कि एरियर का भुगतान संबंधित कर्मचारियों में खाते में करने के बजाय गलत खातों में कर दिया गया था। यह मामला पूरी तरह से तत्कालीन सीडीपीओ की लापरवाही है।
जांच के बाद बुधवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी की तहरीर पर मंझनपुर कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन सीडीपीओ बबीता देवी के खिलाफ केस दर्ज करके मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। मंझनपुर कोतवाल मोहम्मद हाशिम ने बताया कि मामला कोखराज थाने से जुड़ा है। रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अब यह मामला कोखराज थाने को स्थानांतरित कर दिया जाएगा।