नारा गांव की एक युवती को परिषदीय स्कूल में शिक्षिका बनाने के नाम एक जालसाज ने उसके पिता से 90 हजार रुपये ठग लिया। दो साल बाद जब नौकरी नहीं मिली तो युवती के पिता ने पैसों की मांग की, तो जालसाज उसे जान से मारने की धमकी देने लगा। भुक्तभोगी ने सरायअकिल पुलिस को तहरीर दी, लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी गई। सोमवार को पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से इसकी शिकायत की है।
मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के नारा गांव निवासी अब्दुल ने बताया कि दो साल पहले सरायअकिल के पठनपुरवा गांव के एक युवक से उसकी मुलाकात हो गई। बातचीत के दौरान उसने उसकी बेटी आशमा जबीं को प्राइमरी स्कूल में शिक्षिका की नौकरी दिलाने का सब्जबाग दिखाया। इसके लिए उसने उससे 90 हजार रुपये की मांग की। इंतजाम करके उसने बेटी की जिंदगी संवारने के नाम पर उसे 90 हजार रुपये दे दिया। धीरे-धीरे दो साल का समय बीत गया, लेकिन वह बेटी को शिक्षिका की नौकरी नहीं दिला सका। इस पर जब उसने अपने पैसों की मांग की, तो पहले वह बहाने बनाता रहा। इधर, जब शनिवार को वह उसके घर पैसे मांगने गया, तो वह झगड़े पर उतारू हो गया।
कहासुनी के दौरान उसने पैसे वापस करने से इंकार करते हुए उसे दोबारा घर आने पर जान से मारने की धमकी दी। जालसाज युवक की करतूत से वह सन्न रह गया। वह सरायअकिल थाने पहुंचा और घटना की नामजद तहरीर पुलिस को दी। पर, पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। सोमवार को भुक्तभोगी ने मंझनपुर पहुंचकर इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की। एसपी ने एसओ सरायअकिल को प्रकरण की जांच करके कार्रवाई का निर्देश दिया है।