बोर्ड परीक्षा में स्टेटिक मजिस्ट्रेट बनाए गए अफसरों का ड्यूटी से गायब रहना महंगा पड़ा है। अधीनस्थों की लापरवाही से बिफरे डीएम ने बुधवार शाम उनकों जमकर फटकारा। परीक्षा ड्यूटी से नदारद रहने पर करीब 117 स्टेटिक मजिस्ट्रेटों का उन्होंने वेतन काटने का निर्देश दिया है। वहीं सिराथू के लेखपाल को निलंबित करने के साथ ही मंडी परिषद के जेई से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। माना जा रहा है कि जेई के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए डीएम अखंड प्रताप सिंह ने जो रूपरेखा तैयार की है। उसे उनके ही मातहत तार-तार कर रहे हैं। डीएम के मंगलवार को जनपद से बाहर रहने पर हाईस्कूल की गणित के पर्चे में परीक्षा केंद्रों की जांच में अफसरों ने लापरवाही बरती थी। यही कारण रहा कि हिन्दी जैसे प्रश्नपत्र में कई नकलची मिले। सामूहिक नकल पर परीक्षा केंद्रों को डिबार किया गया, लेकिन गणित के पर्चे में एक भी नकलची अफसर नहीं पकड़ सके। वहीं डीएम के जनपद में आते ही बुधवार को भौतिक विज्ञान और अर्थशास्त्र की परीक्षा में फिर से नकलची मिले। सामूहिक नकल में तीन परीक्षा केंद्रों को डिबार करने की संस्तुति हुई।
वहीं डीएम की जांच में सामने आया कि 18 से शुरू हुई बोर्ड परीक्षा में अब तक करीब 117 स्टेटिक मजिस्ट्रेट बने अफसर ड्यूटी से गैरहाजिर रह चुके हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले दिन का वेतन काटने का निर्देश जारी कर दिया। वहीं स्टेटिक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी से गैरहाजिर रहने पर डीएम ने मंडी परिषद के जेई हरीश कुमार को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। गैरहाजिर पर लेखपाल रामेश्वर प्रसाद को निलंबित कर दिया गया है। बुधवार शाम बोर्ड परीक्षा में लगाए गए अफसरों की बैठक लेते हुए डीएम ने ये कार्रवाई की। कहाकि अधिकारियों को यह आखिरी चेतावनी है। लापरवाही बरतने वाले किसी भी अफसर को बख्शा नहीं जाएगा।