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जमीन पर कब्जे से लोगों में आक्रोश

Wed, 24 Feb 2016 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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पश्चिमशरीरा गांव में पशुशाला गिराकर जमीन पर कब्जे से लोगों में आक्रोश है। प्रधान, लेखपाल और स्थानीय एक भू-माफिया पर जमीन पर कब्जे के लिए पशुशाला गिराए जाने का आरोप लगाते हुए गांववालों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। डीएम को प्रार्थनापत्र देकर जांच और पशुशाला के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की। डीएम ने एसडीएम मंझनपुर को आरोप की जांच का निर्देश दिया है।
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मंझनपुर तहसील क्षेत्र के पश्चिमशरीरा गांव निवासी दीपक कुमार, लल्ले, सुरेंद्र कुमार, बसंती देवी, निराशा देवी, बाबूलाल, भगवानदीन आदि पशुपालक (सुअर पालक) हैं। पशुपालन के लिए पालकों ने गांव के बाहर खाली पड़ी जमीन पर पशुशाला बना रखा है। पशुपालकों ने बताया कि पशुशाला की इस जमीन को  गांव का ही एक व्यक्ति बरसों से कब्जा करना चाहता था। इसी व्यक्ति ने तहसील के अधिकारियों को भ्रामक जानकारियां देकर लेखपाल, प्रधान आदि की मिलीभगत से पशुशाला को महीनेभर पहले यह गिरा दिया।

पशुशाला जमींदोज किए जाने के वक्त पशुपालकों को निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। आरोप है कि अब तक उन्हें पशुशाला निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई। लेखपाल और प्रधान सुनवाई ही नहीं कर रहे हैं। जबकि कब्जेदार जमीन मांगने पर मारने की धमकियां देता है। वहीं पशुशाला नहीं होने के कारण पालकों को अपने जानवरों को बांधने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। उनके एक-एक करके अब तक 16 जानवर गायब हो चुके हैं। आक्रोशित पशुपालकों का बुधवार को गुस्सा फूट पड़ा। पशुपालकों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। डीएम को प्रार्थनापत्र देकर जांच और कार्रवाई की मांग की। 
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