द्वाबा की आधी आबादी का घर से निकलना दुश्वार हो गया। बहू-बेटियों की इज्जत पर दरिंदों की नजर लगी रहती है। सोमवार की सुबह मंझनपुर और महेवाघाट इलाके में दरिंदों ने विधवा और विवाहिता की अस्मत लूटने का प्रयास किया। चीखने-चिल्लाने पर पिटाई करने के बाद दरिंदे धमकी देते हुए भाग निकले। पुलिस द्वारा फरियाद नहीं सुनने पर दोपहर में मंझनपुर पहुंची पीड़िताओं ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देते हुए न्याय की गुहार लगाई।
मंझनपुर कोतवाली इलाके के एक गांव की रहने वाली विधवा ने बताया कि सोमवार की सुबह करीब आठ बजे वह खेत की ओर गई थी। इसी दौरान अकेली देख पड़ोस का रहने वाला एक अधेड़ उसे दबोच कर अरहर के खेत में उठा ले गया। इसके बाद उसके साथ जबरदस्ती का प्रयास करने लगा। दरिंदे के चंगुल में फंसी विधवा किसी तरह आबरू बचाते हुए चीखने-चिल्लाने लगी। महिला की चीख सुन खेत में मौजूद गांव के अन्य लोग मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों को देख हैवान बना अधेड़ धमकी देते हुए भाग निकला।
इसी तरह महेवाघाट थाना क्षेत्र के एक गांव में पड़ोसी ने घर में घुसकर विवाहिता के साथ जबरदस्ती का प्रयास किया। पीड़िताओं का आरोप है कि थाने जाकर शिकायत करने पर पुलिस ने उन्हें डांटकर भगा दिया। इलाकाई पुलिस से न्याय नहीं मिलता देख मंझनपुर पहुंच पीड़ित विधवा और विवाहिता ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत करते हुए न्याय की गुहार लगाई।