सैनी क्षेत्र के नूरपुर गांव में हुए चर्चित अपहरण एवं दोहरे हत्याकांड की साजिश केपीछे की कहानी धीरे-धीरे खुल कर सामने आने लगी है। चर्चा है कि दोहरे हत्याकांड के मास्टर माइंड भतीजे ने प्रापर्टी की लालच में अपने बेटे के साथ चचेरी बहन सुधा की शादी का प्रस्ताव दादा बद्री प्रसाद से रखा था। जिसे बद्री ने सिरे से खारिज कर दिया था।
सैनी क्षेत्र के नूरपुर में अपहरण के बाद बद्री और उसकी बेटी सुधा की हत्या के पीछे की कहानी को लेकर बहुत ही अजीबोगरीब चर्चा है। बद्री प्रसाद और पराग दो भाई थे।
बद्री के दो बेटी गीता और सुधा थी। बद्री भाई पराग के बेटे मिथिलेश को बहुत चाहता था। उसने भतीजे मिथिलेश को अपना 8 बीघा खेत भी जोतने-बोने के लिए दे रखा था। भतीजे मिथिलेश ने बोलेरो और ट्रैक्टर खरीदा तो बद्री ने आर्थिक मदद की। पर मिथिलेश के मन में कपट एवं लालच भरी थी। वह किसी भी कीमत पर अपने दादा का 8 बीघा खेत हड़पना चाहता था। इसके लिए उसने अपने दादा बद्री प्रसाद से उनकी बेटी सुधा के ब्याह का प्रस्ताव अपने बेटे रोहित के साथ रखा। इस पर बद्री ने मिथिलेश को डपटते हुए कहा था कि वह अपने जीते-जी अपनी बेटी सुधा का हाथ उसके भतीजे को नहीं दे सकता।
ऐसा पाप कर वह ऊपर वाले को क्या मुंह दिखाएगा। इसलिए शातिर दिमाग मिथिलेश सुधा की शादी किसी भी कीमत पर नहीं होने देना चाहता था। सुधा की शादी तय होने पर उसे बदमान करने के लिए मिथिलेश ने एक चिट्ठी भी फेंकवाया था, जिसे सुधा ने नजर अदंाज कर दिया था। योजना यह भी थी कि सुधा को बदनाम करवा दिया जाए, जिससे शादी टूट जाए। पर, वह अपने नापाक इरादों में लगातार असफल होता गया। अंत में उसने 8 बीघा खेत हड़पने के लिए वह सब कर डाला, जिसकी कल्पना मात्र करने में राेंगटे खड़े हो जाते हैं।