दोआबा में हफ्तेभर से भीषण ठंड का प्रकोप जारी है। दिन-रात बर्फीली हवाएं चल रही हैं। इस शीतलहर से पैदा हुई गलन जानलेवा बनी है। इससे मौत का सिलसिला भी जारी है। सोमवार की रात ठंड की चपेट में आने से सिराथू के भडे़सर और चायल के फतेहपुर सहाबपुर में अधेड़ और वृद्ध की मौत हो गई। ठंड के कारण जनपद में 15 दिन के भीतर 9 लोग जान गंवा चुके हैं।
कौशाम्बी में दिसंबर का महीना शुरू होते ही ठंड ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। आठ दिनों से शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है। दिन-रात चल रही तेज बर्फीली हवाओं के कारण तीखी गलन लोगों को परेशान किए है। कमरे के अंदर भी हाथ-पैर की अंगुलियां सुन्न होने लगी हैं। वहीं ठंडी हवाओं की वजह से तापमान में भी जबरदस्त गिरावट आई है। महगांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. आशीष कुमार के मुताबिक सोमवार की रात पारा 7 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं सोमवार की दोपहर 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान बना हुआ था। पारा गिरने से बढ़ी ठंड जानलेवा बनी है। इसकी चपेट में आने से आए दिन लोगों की मौत हो रही।
सोमवार की रात भी चायल तहसील के फतेहपुर सहाबपुर गांव निवासी पंक्षीलाल (48) की ठंड लगने से मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि ठंड के कारण ही पंक्षीलाल की सांसें थमी हैं। इसी तरह से सिराथू तहसील के भडे़सर गांव छितई (70) की भी ठंड लगने से मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक सोमवार की रात करीब 8 बजे अचानक तबियत बिगड़ गई। बता दें कि कौशाम्बी में 15 दिन के भीतर ठंड लगने से अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी अफसर बेफिक्र बने हैं। अलाव और कंबल वितरण भी खानापूर्ति तक ही सिमटा हुआ है।