सैनी कोतवाली के बहुचर्चित अशोक केशरवानी हत्याकांड में आरोपी पूर्व चेयरमैन समेत छह लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश ने बुधवार को सजा सुनाते हुए आरोपियों पर एक लाख 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह घटना वर्ष 2009 में सिराथू कस्बे में अंजाम दी गई थी। फ्लोर मिल के सेफ्टी टैंक से शव बरामद होने के बाद सिराथू में जमकर बवाल हुआ था।
अभियोजन के अनुसार सदर कोतवाली के गंभीर पूरब निवासी राजेश कुमार केशरवानी पुत्र किशोरीलाल ने सैनी कोतवाली में 22 मई 2009 को अपने छोटे भाई अशोक कुमार केशरवानी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। राजेश ने पुलिस को बताया था कि अशोक अपनी पत्नी को घर से यह बताकर निकला था कि वह सिराथू जा रहा है। सिराथू में अशोक ने आटा चक्की मालिक खुर्शीद से मिलने गया था। खुर्शीद को फोन किया गया तो पता चला कि वह वहां से एक लाख 30 हजार रुपया लेकर घर जा चुका है। अशोक की बाइक मधवामई के समीप बरामद हुई थी। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद 26 मई को खुर्शीद अहमद पुत्र मंजूर हसन निवासी गाजीपुर का पुरवा मजरा सिराथू के यहां छापा मारा। छापा मारने के बाद पुलिस ने खुर्शीद अहमद की फ्लोर मिल के सेफ्टी टैंक से शव बरामद किया।
शव बरामद करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि खुर्शीद के चाचा महमूदुल हसन, मंजूर हसन, खालिक हसन, मुस्तकीम और इमरान ने अपहृत अशोक कुमार की हत्या करने के बाद शव को टैंक में डाल दिया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने इस मामले में मंजूर हसन, सिराथू के पूर्व चेयरमैन खालिक हसन, कलीम एवं इमरान का नाम प्रकाश में लाया। आरोपियों को जेल भेजने के बाद पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। बुधवार को अपर जनपद सत्र एवं न्यायाधीश की अदालत में प्रकरण की सुनवाई हुई। शासकीय अधिवक्ता अब्दुल लतीफ ने वादी समेत कुल 20 गवाहों को परीक्षित कराया। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्याें का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने पूर्व चेयरमैन समेत सभी आरोपियों को उम्र कैद के साथ ही एक लाख 12 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।