महोबा के दमौरा गांव के रवीन्द्र की हत्या रविवार की दोपहर उसके साथियों ने ही गोली मारकर कर दी थी। हत्या के एक राज से पर्दा उठने न पाए इसलिए रवीन्द्र को उसके साथियों ने मौत के घाट उतारा था। दो दिन पहले वह बाबा ठाकुर के साथ घर से निकला था। इसकी जानकारी होते ही पुलिस ने बाबा ठाकुर को हिरासत में ले लिया है। बाबा ठाकुर से पूछताछ की जा रही है।
मंझनपुर कोतवाली के सेलहरा गांव का रहने वाला बाबा ठाकुर कई साल से परिवार के साथ महोबा में रहता है। उसका पिता सोने-चांदी के आभूषण की गलाई का काम करता है। इसी दौरान बाबा ठाकुर की दोस्ती महोबा के दमौरा गांव निवासी रवीन्द्र कुमार (20) पुत्र सियाराम से हो गई थी। रवीन्द्र भी मामा के घर रहकर पढ़ाई करता था। 24 फरवरी की शाम रवीन्द्र महोबा से साथी के साथ कहीं जाने के लिए निकला था। रविवार की दोपहर मंझनपुर कोतवाली के सेलरहा गांव के समीप उसकी गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। घटना को अंजाम देकर हत्यारे मोबाइल छोड़कर भाग निकले थे। मोबाइल के आधार पर शव की शिनाख्त हुई थी।
शिनाख्त होने के बाद घटना की जानकारी परिजनों को दी गई। देर रात परिजन सदर कोतवाली आए। परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने बाबा ठाकुर को हिरासत में ले लिया। पुलिस को पता चला है कि बाबा ठाकुर व उसके साथी ने एक हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। इसमें रवीन्द्र भी शामिल था। इस कत्ल के राज से कहीं पर्दा उठ न जाए, इसलिए रवीन्द्र को मौत के घाट उतारा गया। घटना की क्या हकीकत है, इसकी पड़ताल पुलिस कर रही है। इस मामले में फरार दूसरे साथी की भी तलाश की जा रही है।