घर में घुसकर आशा देवी के साथ की गई दरिंदगी के मामले में एसपी ने इंस्पेक्टर संगम लाल मिश्र के खिलाफ कार्रवाई कर दी है। इंस्पेक्टर से थानेदारी छीनकर उनको चुनाव कार्यालय भेज दिया है। इसके अलावा दो अन्य थानों में भी फेरबदल किया गया है। निलंबित इंस्पेक्टर भाष्कर मिश्र को चरवा और चरवा के इंस्पेक्टर रहे मो. हासिम को महेवाघाट भेजा गया है। एसपी ने कार्रवाई करते हुए घटना के खुलासे में लगी टीमों को चेतावनी दी है कि यदि बदमाश नहीं पकड़े गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
सिंघवल का पूरा गांव में गुरुवार रात घर के भीतर आंगन में सो रही आशा देवी के साथ बदमाशों ने सामूहिक दुराचार किया था। बदमाश सीढ़ी लगाकर घर में घुसे थे। रेप करने के बाद आशा देवी पर चाकू से कई प्रहार कर उसका गला घोंट दिया था। आशा का शव जलाने की भी कोशिश की गई थी। हत्या करने के बाद बदमाशों ने घर में जमकर लूटपाट की थी। आशा देवी के सारे गहने उतार लिए थे, इसके अलावा बाक्स आदि भी खंगाल डाले थे। घटना के वक्त आशा देवी के मां व पिता बाहर सो रहे थे। चार दिन बाद भी इस घटना में पुलिस बदमाशों का सुराग नहीं लगा सकी थी। हालांकि एक संदिग्ध को पकड़कर पूछताछ की जा रही है। इससे नाराज एसपी वीके मिश्र ने रविवार की शाम को कौशाम्बी के इंस्पेक्टर संगम लाल मिश्र को थाने से हटाते हुए चुनाव कार्यालय भेज दिया। चरवा इंस्पेक्टर को महेवाघाट भेजा गया और निलंबित चल रहे भाष्कर मिश्र को चरवा थाने की कमान सौंपी है। भाष्कर मिश्र रचना सिंह प्रकरण में सस्पेंड किए गए थे। एसपी ने आशा देवी प्रकरण के खुलासे में टीमों को अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द ही कार्रवाई न की गई तो उनको भी खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
दो और संदिग्धों को पुलिस ने उठाया
आशा देवी प्रकरण में पुलिस ने सिंघवल का पूरा गांव के दो और संदिग्धों को उठा लिया है। इनसे भी पूछताछ की जा रही है। देर शाम तक पुलिस को फिलहाल कोई जानकारी नहीं हासिल हो सकी है। कोई सुराग न मिलने से पुलिस परेशान है। इंटेलीजेंस विंग व क्राइम ब्रांच टीम भी घटना के खुलासे में लगाई गई है। इन टीमों के भी हाथ खाली हैं।