दुराचार के आरोपियों की धमकी से मंझनपुर क्षेत्र की एक पीड़िता और उसका पूरा परिवार सहमा है। आरोप है कि रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी पुलिस अब तक एक भी नामजद को पकड़ नहीं सकी है। जबकि आरोपी पूरे परिवार को धमकी देते घूम रहे हैं। पीड़िता ने राज्य महिला आयोग और एसपी से शिकायत की है।
मंझनपुर कस्बे से सटे एक गांव की एक विवाहिता ने बताया कि पड़ोस के ही एक परिवार से उसकी पुरानी रंजिश है। इसी में करीब 2 साल पहले दोनों परिवार में झगड़ा हुआ था। इस दौरान मारपीट में विपक्षी के एक लड़के की मौत हो गई थी। जिसमें उसका जेठ जेल में बंद है। मुकदमे की पैरवी उसके पति करते हैं। विवाहिता के मुताबिक मुकदमे की पैरवी को लेकर पड़ोसी उसे आए दिन धमकाते रहते हैं। इतना ही नहीं रंजिश में 31 अक्तूबर 2014 की शाम जब वह पति के साथ बाइक से मंझनपुर बाजार जा रही थी।
रास्ते में विपक्ष के तीन लोगों ने उसे रोक लिया था। आरोप है कि तमंचे के बल पर उसके पति को बंधक बनाकर उसके साथ दुराचार किया गया था। इस मामले में नामजद रिपोर्ट मंझनपुर कोतवाली में दर्ज है। विवाहिता की मानें तो मेडिकल मुआयने के साथ ही उसका बयान भी दर्ज किया जा चुका है। इसके बाद भी घटना के 4 महीने बाद भी पुलिस एक भी नामजद आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। आरोप है कि गिरफ्तारी नहीं किए जाने से विपक्षी उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देते रहते हैं। इसकी भी कई बार पुलिस अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन पुलिस सुनवाई नहीं कर रही है। पीड़िता ने राज्य महिला आयोग और पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है।