मुठभेड़ के बाद भागे पशुतस्करों की तलाश करती पुलिस।
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कोतवाली क्षेत्र के लच्छीपुर गांव के समीप जंगल में रविवार सुबह पुलिस और पशु तस्करों की मुठभेड़ हो गई। पशु तस्करी की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी करते हुए तस्करों को पकड़ने का प्रयास किया तो तस्कर पुलिस पार्टी पर गोली दागते हुए भाग निकले। पुलिस ने खुद को बचाते हुए तस्करों पर फायरिंग की पर वे भाग निकले। पुलिस ने दो नामजद समेत चार तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तस्करों की तलाश शुरू कर दी है।
खाकी की किलेबंदी को तोड़ तस्कर दोआबा के रास्ते प्रतिबंधित पशुओं की खेप गैर प्रांत भेजते हैं। पुलिस अफसरों का दावा है कि हवा-हवाई साबित हो रहा है। इसकी बानगी रविवार सुबह मंझनपुर कोतवाली के लच्छीपुर गांव के जंगल में देखने को मिली। मुखबिर की सूचना पर मंझनपुर कोतवाल धनंजय वर्मा पुलिस फोर्स के साथ जंगल पहुंच तस्करों की धर पकड़ के लिए घेराबंदी की तो तस्कर पुलिस पार्टी पर गोली दागते हुए भागने लगे।
खुद को बचाते हुए इंस्पेक्टर ने जवानों के साथ पोजीशन लेकर तस्करों का पीछा किया। पर, पुलिस से घिरे तस्कर जंगल की झाड़ियों में छिपते हुए भाग निकले। पुलिस ने जंगल में बंधे 26 मवेशियों को बरामद करते हुए दो नामजद समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल ने बताया कि तस्करों ने इन पशुओं को वध के लिए गैर प्रांत भेजने के लिए तस्करों ने जंगल में इकट्ठा कर रखा था। तस्करों की तलाश की जा रही है।
कौशाम्बी में अर्से से चल रहा पशु तस्करी का धंधा
पशुओं की खरीद-फरोख्त करके उन्हें वध के लिए दूसरों राज्यों में भेजने का कालाधंधा कौशाम्बी में अरसे से चल रहा है। रोजाना ट्रक और कंटेनर से जानवर पश्चिम बंगाल, बिहार आदि भेजे जाते हैं। हालांकि पुलिस अफसर तस्करी को सिरे से खारिज करते रहते हैं। पर जिले में यह काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। पशु तस्करी पर रोक लगाने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है।