पूरब शरीरा गांव में नरेश की मौत के बाद घटना की जांच करती पुलिस
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जेठ की तपती दुपहरी में मंगलवार को एक अधेड़ ने सूनसान सड़क पर तड़प कर दम तोड़ दिया। सड़क पर तड़पने की वजह से उसके हाथ और पैर काफी जगह छिल गए हैं। छानबीन में पता चला कि वह शराब पीने के बाद अपने घर लौट रहा था। सूचना पर पुलिस पहुंची लेकिन मृतक की मां ने अपने नाती के आने तक लाश पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजे जाने की मांग किया।
पश्चिमशरीरा कोतवाली के पूरबशरीरा गांव निवासी नरेश निर्मल (47) ईंट भट्ठे में मजदूरी किया करता था। चार साल पहले उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है। दो बेटे प्रयागराज में रहते हैं। वह गांव में अपनी बूढ़ी मां के साथ रहता था। पत्नी की मौत के बाद नरेश को शराब पीने की लत लग गई। मंगलवार की सुबह नरेश क्षेत्र के बरुआ गांव गया था। यहां पर उसने छक कर देशी शराब पी। नशे में धुत होने के बाद दोपहर में वह अपने घर के लिए निकला था।
संतू के डेरा के समीप उसका शव मिला है। किसी राहगीर की नजर लाश पर पड़ी तो उसने पुलिस को खबर दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष योगेश तिवारी मौके पर पहुंचे। नरेश के घरवालों को खबर दी। सूचना पर उसका छोटा भाई व मां मौके पर आए। नरेश की मां ने बताया बताया कि बेटा शराब का लती था। कहा कि जब तक उसके प्रयागराज में रहने वाले नाती नहीं आते वह शव पोस्टमार्टम के लिए लाश नहीं भेजेगी। इस पर पुलिस ने नरेश के शव को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया है।