मूरतगंज। नेशनल हाईवे चौड़ीकरण के लिए तोड़े गए मकान का बारजा ढहने से एक महिला की मौत हो गई जबकि उसके साथ रहा मासूम बाल-बाल बचा। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी से मलबा हटवाकर लाश बाहर निकलवाया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मूरतगंज बाजार का शाहिद अली प्राइवेट वाहन चलाता है। शाहिद का घर मूरतगंज बाजार में जीटी रोड के किनारे है। पिछले दिनों एसडीएम चायल और पीडब्लूडी के अधिशाषी अभियंता ने हाईवे को फोरलेन किए जाने की बात कहते हुए सड़क से सात मीटर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी थी। कहा गया कि अगर प्रशासन ने अतिक्रमण हटवाया तो सारा खर्च भवन स्वामी को देना होगा।
इसी नोटिस के बाद शाहिद ने भी अपना घर तोड़वाया। सात मीटर घर तोड़ दिया गया लेकिन बाहर की तरफ दो फिट का बारजा नहीं तोड़ा गया था। रहने के लिए परिवार के पास मात्र आठ मीटर का घर बचा है। बुधवार की रात शाहिद की पत्नी बकरीदुन निशा (45) अपने मासूम बच्चे के साथ बरामदे में सो रही था। रात को हाईवे से गुजरने वाले वाहनों की धमक लगने से बारजा ढह गया। मलबे में बकरीदुन निशा दब गई। राहगीरों की सूचना पर पुलिस आ गई। देर रात एएसपी अशोक कुमार, इंस्पेक्टर उदयवीर के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जेसीबी बुलाकर मलबा हटवाया। बकरीदुन के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटना से पीड़ित परिवार में कोहराम है।