नाबालिग को छोड़ना पड़ा, इंस्पेक्टर पर गिर सकती है गाज
सीओ चायल ने शुरू की जांच, एसपी बोले आरोप सिद्ध हुआ तो करेंगे निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। नाबालिग को पांच दिन तक बंद कर प्रताड़ित करने के मामले में सरायअकिल कोतवाल पर गाज गिर सकती है। एसपी के निर्देश सीओ चायल ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। इसकी भनक लगते ही इंस्पेक्टर ने रविवार सुबह किशोर को छोड़ दिया। कप्तान ने आरोप सिद्ध होने पर निलंबन की कार्रवाई करने की बात कही है।
खोंपा निवासी रामबहोरी ने बताया कि उसके बड़े बेटे अवधेश पर ट्रांसफार्मर चोरी की एक घटना में शामिल होने का आरोप पुलिस ने लगाया है। पुलिस को अभी शक भर है। किसी तरह का कोई प्रमाण अथवा लिखापढ़ी नहीं है। पीड़ित के मुताबिक अवधेश पुलिस के खौफ से हफ्ते भर पहले गांव छोड़कर भाग गया है। उसका कहीं कोई सुराग नहीं लगा रहा है। इल्जाम है कि अवधेश के नहीं मिलने पर पुलिस ने उसके छोटे भाई अखिलेश को पांच दिन पहले पकड़ लिया। कोतवाली में उसे तरह-तरह से प्रताड़ित किया गया। पुलिस की इस दादागीरी की खबर ‘अमर उजाला’ ने रविवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की। इसका नतीजा यह रहा कि एसपी प्रदीप गुप्ता का पारा गरम हो गया। उन्होंने कोतवाल को जमकर फटकार लगाई। जिसके बाद सुबह ही कोतवाल ने नाबालिग को छोड़ दिया। एसपी ने बताया कि सीओ चायल को जांच सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। नाबालिग को बिना किसी जुर्म के कोतवाली में रखकर टार्चर किया गया है तो कोतवाल को निलंबित किया जाएगा।