प्राथमिक स्कूल में बिच्छू के काटने से छात्र की मौत
-स्कूल का घेराव कर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, एबीएसए ने लोगों को कराया शांत
-कमरों से शिक्षकों के बाहर न आने पर साथी छात्र लादकर मासूम को ले गए थे घर
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
मंझनपुर विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गोबरसहाई मंझनपुर में मंगलवार दोपहर सीकेश (08) नामक एक छात्र को बिच्छू ने काट लिया। इलाज के दौरान अगले दिन एसआरएन अस्पताल में उसकी मौत हो गई। शिक्षकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने स्कूल का घेराव कर हंगामा किया। खंड शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया।
गोबरसहाई गांव निवासी राजेशकुमार का आठ वर्षीय बेटा सीकेश गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा दो का छात्र था। मंगलवार दोपहर उसको स्कूल के भीतर एक बिच्छू ने काट लिया। घटना के समय वह खाना लेने के लिए लाइन में लगा था। जब वह चीखने लगा तो छात्रों की निगाह बिच्छू पर पड़ी। आरोप है कि छात्रों ने इसकी जानकारी शिक्षकों को दी लेकिन कोई मदद को नहीं आया। नतीजतन सीकेश को छोटे बच्चे लादकर घर ले गए। जानकारी होने पर ग्राम प्रधान तारा देवी का बेटा धर्मेंद्र वहां पहुंचा और छात्र को जिला अस्पताल लेकर गया। जहां से उसे एसआरएन इलाहाबाद रेफर कर दिया गया। मगर छात्र ने बुधवार सुबह अस्पताल में दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने छात्र की मौत के बाद जानकारी जुटाई तो शिक्षकों की लापरवाही खुलकर सामने आई। इससे गांव के लोग भड़क गए। गुरुवार को परिजनों ने ग्रामीणों के साथ प्राथमिक विद्यालय का घेराव कर हंगामा शुरू कर दिया। हेडमास्टर रामनरेश विशाल ने इसकी जानकारी खंड शिक्षा अधिकारी अविनाश सिंह को दी। अविनाश सिंह मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि शिक्षकों ने तनिक भी संवेदनशीलता दिखाई होती तो छात्र की जान बच सकती थी। विद्यालय में हेडमास्टर समेत पांच शिक्षक तैनात हैं। खंड शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। छात्र की मौत से पिता राजेश व मां सुमन देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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रुपया मिलता है तो जल निकासी का इंतजाम क्यों नहीं
छात्र सीकेश की मौत के बाद स्कूल प्रशासन कटघरे में खड़ा हो गया है। प्राथमिक विद्यालय गोबरसहाई की चहारदीवारी कई जगह से टूटी है। स्कूल के पीछे स्थित खेतों का पानी विद्यालय में आ जाता है। जल निकासी का इंतजाम किया ही नहीं गया है। यही कारण है कि बारिश होते ही स्कूल परिसर में पानी भर जाता है। खंड़जा मार्ग में जहरीले जंतु पानी से बचने के लिए आ जाते हैं। गांव के राजकिशोर, लवकुश आदि का कहना है कि यदि जल निकासी का इंतजाम होता तो शायद यहां तक बिच्छू न आ पाता।
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शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
खंड शिक्षा अधिकारी अविनाश सिंह के विद्यालय पहुंचने पर ग्राम प्रधान के पुत्र धर्मेंद्र ने शिक्षकों पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि बिच्छू के काटने के बाद स्कूल का कोई भी शिक्षक उसकी मदद को नहीं आया था। वह दर्द से चिल्ला रहा था। इस पर छात्र उसे किसी तरह लादकर घर ले गए। जानकारी होने पर वह उसको लेकर जिला अस्पताल गए थे। एक महिला शिक्षक बाद में जिला अस्पताल पहुंची थी लेकिन हेडमास्टर व अन्य शिक्षकों ने फोन से भी हालचाल नहीं लिया। ऐसे शिक्षकों की यहां आवश्यकता नहीं है, इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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‘स्कूल परिसर में बिच्छू के काटने से छात्र की मौत हुई है। ग्रामीणों व प्रधान पुत्र के आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान आरोप सही मिले तो दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’
अविनाश सिंह
खंड शिक्षा अधिकारी मंझनपुर
‘एबीएसए को जांच के लिए भेजा गया था। अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। ग्रामीणों की शिकायत भी संज्ञान में है। जांच रिपोर्ट मिलते ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’
महाराज स्वामी
बीएसए