कोखराज पुलिस के खिलाफ घेरा एसपी दफ्तर
दलित किशोर की पिटाई होने पर पुलिस नहीं कर रही थी कार्रवाई
सीओ ने समझाते हुए जिला अस्पताल में घायल को कराया भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
कोखराज पुलिस के खिलाफ कसिया पूरब गांव के लोगों ने गुरुवार को एसपी आफिस का घेराव किया। ग्रामीण दलित किशोर की हुई बेरहमी से पिटाई के मामले में रिपोर्ट दर्ज न होने से नाराज थे। सीओ सिटी ने कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए घायल किशोर को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया है।
कोखराज थाना क्षेत्र के कसिया पूरब गांव का उमेश कुमार (16) पुत्र राम स्वरूप बुधवार शाम गेहूं लेकर आटाचक्की जा रहा था। इसी दौरान गेहूं की पोटली नाले में गिर गई। चहां मौजूद गांव के एक युवक ने बोरी गिरने पर तंज कसा तो उमेश ने विरोध किया। इससे गुस्साए दबंग युवक ने उमेश को मारपीट कर मरणासन्न कर दिया। वह मौके पर बेसुध पड़ा था। परिजनों को पता चला तो व उसको लादकर कोखराज थाना ले गए। वहां तहरीर दी तो उसका मेडिकल कराकर घर वापस भेज दिया गया। गुरुवार सुबह परिजन दोबारा गए तो उनको थाने से भगा दिया गया। सुबह वह कार्रवाई के लिए थाने गई तो पुलिस ने डांटकर भगा दिया। कोखराज पुलिस की बर्बरता के खिलाफ बेहोश बेटे को लेकर किशोर की मां सुमन ग्रामीणों के साथ जिला मुख्यालय आई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घायल बेटे के साथ वह धरने पर बैठ गई। वहीं ग्रामीणों ने कार्यालय का घेराव कर लिया। जानकारी होने पर सीओ सिटी मुईन अहमद ने पीड़ित कुनबे को कार्रवाई का आश्वासन दिलाया। इसके बाद किशोर को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
एसपी को नहीं सुनाई दी दलित महिला की गुहार
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से चंद कदम दूरी पर परिसर के गेट पर बेटे से लिपट दहाड़ें मारकर रोने वाली महिला की चीख एसपी के कानों तक नहीं पहुंची। महिला रोती रही और साहब दफ्तर का काम निपटाने में व्यस्त रहे। उनको यह तक नहीं पता चला कि आखिर उनके कार्यालय परिसर में क्या हो रहा है और कौन रो रहा है।
कसिया गांव के किशोर उमेश के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। किशोर के शरीर में गंभीर चोटें नहीं दिखी हैं। सीओ सिराथू को जांच के निर्देश दिए गए हैं।
अशोक कुमार पांडेय
एसपी कौशाम्बी