बहू के कातिल कैदी ससुर की अस्पताल में मौत
तीन अगस्त को सात की सजा के बाद भेजा गया था जेल
एएसपी पर पे-रोल पर संस्तुति नहीं करने का विधायक ने लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
बहू की हत्या के जुल्म में सात साल की सजा काट रहे कैदी लल्लू मोदनवाल (80) की शनिवार की सुबह एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। तीन अगस्त को सजा सुनाए जाने के बाद उसे जिला कारागार भेजा गया था। वहीं अधेड़ बेटे के साथ वृद्ध पत्नी जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। कैदी की मौत से परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है।
कोखराज के भरवारी कस्बा निवासी लल्लू मोदनवाल (80) पुत्र गोकुल मोदनवाल पर वर्ष 2003 में बहू को जला कर मारने का आरोप था। बहू के परिजनों ने लल्लूु समेत पति और सास को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया। तीन अगस्त 2017 को हाईकोर्ट ने तीनों को बहू का कातिल पाते हुए सात-सात कैद की सजा सुनाई। इसके बाद पुलिस ने लल्लू के साथ बेटे और पत्नी को जिला कारागार कौशाम्बी भेज दिया। कारागार पहुंचने के तीसरे दिन ही लल्लू की हालत बिगड़ गई। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया गया। 23 सितंबर को दोबारा हालत बिगड़ने पर उसे एसआरएन अस्पताल इलाहाबाद रेफर कर दिया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर दो अक्तूबर को कैदी लल्लू को बीएचयू बनारस भेजा गया। तीन बाद उसे पुन: जेल लाया गया। चार अक्तूबर को हालत फिर बिगड़ी तो एसआएन भेज दिया गया। शनिवार की सुबह इलाज के दौरान लल्लू की मौत हो गई। कैदी के मौत की खबर कारागार प्रशासन के साथ परिजनों को चली तो अफरा-तफरी मच गई। चायल विधायक संजय गुप्ता का आरोप है कि तीन दिन के पे-रोल पर पुलिस अफसर की संस्तुति नहीं की गई थी।