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वर्चस्व की जंग में श्रीराम का अंत

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वर्चस्व की जंग में श्रीराम का अंत
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-फिर सुलगा चक थामा गांव, नए अध्याय की हुई शुरुआत
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। चक थामा गांव के सपा नेता के पिता का वर्चस्व की जंग में मंगलवार को अंत हो गया। एक बार फिर चक थामा गांव अदावत की चिंगारी से सुलग उठा। वृद्ध की हत्या के बाद एक नए अध्याय की शुरूआत हुई। दो बिरादरी के बीच अर्से से वर्चस्व को लेकर आन-बान-शान की जंग छिड़ी हुई है।
मंझनपुर कोतवाली का चक थामा गांव अर्से से सुर्खियों में रहा है। इस गांव में पिछ़डा बनाम सामान्य के बीच वर्चस्व की जंग चली आ रही है। यहां वर्चस्व की जंग को लेकर कई जानें जा चुकी है। दो भाईयों के साथ श्रीराम अपराधिक दुनिया का मास्टर माइंड था। कब क्या करना चाहिए उसके इशारे पर ही होता था। मंगलवार की रात श्रीराम की जिस अंदाज में हत्या की गई है। इससे साफ है कि कातिल जले-तपे थे। गला रेतने के बाद कुल्हाड़ी से शरीर के हर अंग में प्रहार किया गया था। श्रीराम की हत्या के बाद एक नए अपराधिक अध्याय की शुरूआत हो गई है। यह खूनी खेल कई बरस से चल रहा है। जिसने जैसा मौका पाया उसने वैसी घटना को अंजाम दिया है। वर्चस्व में यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई ऐसी संगीन वारदातें हो चुकी है।
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बिजली का खंभा खड़ा करने को लेकर हुई थी अदावत
मंझनपुर(ब्यूरो)। चक थामा गांव के श्रीराम और नर्वदा के बीच बिजली का खंभा खड़ा करने को लेकर अदावत की शुरूआत हुई थी। इसके बाद खूनी जंग का आगाज हुआ। गांव के राकेश शुक्ला की वर्ष 2008 में गोली मार कर हत्या कर दी गई। जिसमें श्रीराम के साथ चार लोग नामजद किए गए थे।
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निजी नलकूप से हुआ था खूनी जंग का एलान
मंझनपुर(ब्यूरो)। चक थामा गांव के राकेश शुक्ला पुत्र सत्यनाराण की हत्या वर्ष 2008 में उसके निजी नलकूप पर गोली मार कर की गई थी। निजी नलकूप से ही जंग का ऐलान हुआ था। मंगलवार की रात हत्यारोपी रहे श्रीराम की हत्या भी निजी नलकूप पर की गई। किसी ने गोली मारा तो किसी ने जिंदा काट डाला। श्रीराम की हत्या में भी चार लोग ही नामजद किए गए।
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अदावत की हो चुकी है सीबीआई जांच
मंझनपुर(ब्यूरो)। चक थामा गांव के श्रीराम यादव और शुक्ला परिवार के बीच छिड़ी खूनी जंग की सीबीआई जांच भी हो चुकी है। इसके बाद भी अंदर-अंदर बदले की आग सुलग रही थी। मंगलवार को बदले की चिंगारी लावा बन कर फूट पड़ी। और एक नए जंग का आगाज हुआ।
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श्रीराम पर दर्ज थे कई अपराधिक मामले
चक थामा गांव के श्रीराम यादव के खिलाफ मंझनपुर कोतवाली में 10 अपराधिक मामले दर्ज है। जिनमें दो हत्या, दो कातिलाना हमला के साथ बलवा, मारपीट धमकी की घटनाएं शामिल हैं। मृतक श्रीराम के भाई और बेटे पर भी कई मामले में दर्ज है। मंझनपुर कोतवाल की मानें तो श्रीराम पर दस, दहाड़ी यादव पर 27, बलराम यादव पर 14 और बनवारी यादव पर 06 मुकदमें दर्ज है।
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