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स्पेलर की आड़ में बेच रहे नकली सरसों तेल

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दुकानदार बेच रहे नकली सरसों तेल
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सरायअकिल कस्बे में आधा दर्जन स्थानों पर हो रहा काला कालोबार
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर/सरायअकिल।
कस्बे में केमिकल युक्त नकली सरसों तेल का काला कारोबार स्पेलर की आड़ में किया जा रहा है। यहां आधा दर्जन से अधिक स्पेलर संचालक इस गोरखधंधे में काम कर रहे हैं। इसके चलते इलाकाई उपभोक्ता आसानी से कारोबारियों के झांसे में फंस सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। बड़े पैमाने पर हो रहे खेल से खाद्य विभाग के अफसर बेखबर हैं। उन्हें छुटभैया दुकानदारों के सिवा कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा है।
पिछले कई सालों से केमिकल युक्त सरसों के तेल का गढ़ बने सरायअकिल कस्बे के काले कारोबारियों ने व्यापार का तरीका बदल दिया है। शातिरों ने अब इसके लिए स्पेलर का सहारा लेना शुरू कर दिया है। दरअससल स्पेलरों में सरसों की पेराई कर शुद्ध सरसों तेल बेचने का लेबल लगा होता है। बाजार में केमिकल युक्त सरसों तेल की भरमार होने पर उपभोक्ता परचून दुकानदारों से किनारा कसना शुरू कर दिया। वह स्पेलर संचालकों की तरफ रुख करने लगे। क्योंकि उन्हें लगता है कि यहां स्थानीय सरसों की पेराई कर शुद्ध तेल की बिक्री की जाती है। ग्रामीण उपभोक्ताओं के इस भोलेपन का काले कारोबारियों ने फायदा उठाना शुरू कर दिया। असली और नकली तेल के भाव में 10 से 15 रुपये लीटर का अंतर होने के कारण स्पेलर संचालकों ने भी अधिक मुनाफा के चक्कर में स्थानीय सरसों की पेराई कर बाहरी माल बेचना शुरू कर दिया। इन दिनों इस तरह का खेल कस्बे में करन चौराहा, रामलीला मैदान, गुड़ मंडी, घोसिया रोड तथा फकीराबाद समेत सात स्थानों पर संचालित स्पेलरों में चल रहा है। सूत्रों की मानें तो काले कारोबार की जानकारी खाद्य विभाग के अफसरों को भी है। इसके बावजूद आम आदमी की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी चायल अनिल कुमार मिश्र का कहना है कि मिलावट खोरों के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द ही सरायअकिल कस्बे में भी कार्रवाई की जाएगी।
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लगेगी पेंटिंग प्रदर्शनी
मंझनपुर (ब्यूरो)। सिविल इवैल्यूवेशन फाउंडेशन गुमनामी के अंधेरे में खोए शहीद क्रांतिकारियों की तलाश कर रही हैं। संस्था ने हाल ही में कौशाम्बी जिले के एक ऐसे ही शहीद हनुमान पंडित की तलाश की है। अब वह उन्हें सम्मानित कराने के लिए मुख्यालय में शहीद के चित्रों की प्रदर्शनी लगेगी। कार्यक्रम आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ प्रमोद शुक्ला ने बताया कि इलाहाबाद की एक टीम ने सोमवार को डीएम मनीष कुमार वर्मा से मिल गुमनाम शहीदों को सम्मान दिलाने की पहल की। टीम में शहीद की पेटिंग की परिकल्पना करने वाले वीरेंद्र पाठक भी शामिल रहे।
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