कोखराज। देश की राजधानी की एक निजी कंपनी से लाखों रुपये का गबन कर भागे एक कर्मचारी के परिजनों ने रविवार सुबह गिरफ्तारी करने आई दिल्ली पुलिस को बंधक बना लिया। परिवार वालों ने कोखराज कोतवाली में भी हंगामा किया। बाद में किसी तरह मामला शांत हुआ। मामले में कार्रवाई नहीं की गई है।
कोखराज कोतवाली क्षेत्र के गेरसा गांव का आमोद पांडेय पुत्र राजेंद्र प्रसाद दिल्ली की एक प्राइवेट मेवा कंपनी में काम करता था। कंपनी मालिक सुभाष बब्बर ने बताया कि दिसंबर 2017 में आमोद ने करीब 22 लाख रुपये का गबन कर लिया। मामला पकड़ा गया तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया। बाद में उसने रुपये लौटाने की बात कहीं तो उसको फिर काम पर रख लिया गया। बताया कि 31 अप्रैल को आमोद 12 लाख और लेकर भाग निकला। ऐसे में कंपनी मालिक ने उसके खिलाफ दिल्ली की रूपनगर कोतवाली में केस दर्ज करा गया। दो दिन पहले दिल्ली पुलिस ने आरोपी के रूम पर रहने वाले उसके भाई प्रमोद को हिरासत में ले लिया।
इसकी जानकारी होते ही परिजनों को होश उड़ गए। रविवार को दिल्ली पुलिस के एक दरोगा व दो सिपाही आरोपी को गिरफ्तार करने उसके घर आए थे। आरोपी के परिजनों ने पुलिस को बंधक बना लिया। वे प्रमोद को छोड़ने की मांग करने लगे। पुलिस को बंधक बनाए जाने की खबर मिनते ही कोखराज इंस्पेक्टर फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे और पुलिस वालों के साथ परिजनों को भी कोतवाली ले गए। कोतवाली में भी आरोपी के परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। बाद में दिल्ली पुलिस ने प्रमोद से परिजनों की बात कराई तब जाकर मामला शांत हुआ।