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डायरिया से मासूम की मौत, बीमार भाई-बहन को अस्पताल से भगाया

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मंझनपुर/कोखराज (कौशाम्बी)। चरवा के बड़ी महुली गांव के एक मासूम की डायरिया से मौत हो गई, जबकि उसके दो भाई और एक बहन बीमारी की चपेट में आकर जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे हैं। इन बच्चों को संवेदनहीन डॉक्टरों ने जिला अस्पताल से भगा दिया था। शुक्रवार को मामला संज्ञान में आने पर सीएमओ ने खुद बच्चों को लाकर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। साथ ही प्रकरण की जांच के आदेश दिए।
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बड़ी महुली गांव निवासी रामकुमार किसानी करते हैं। बुधवार की रात घर में दाल, चावल व रोटी बनी थी। राजकुमार ने परिवार के साथ भोजन किया। रात करीब 11 बजे बड़ी बेटी सुरेखा (07), दूसरे नंबर की शेजल (06), बेटे शेखर (4) की हालत बिगड़ गई। उन्हें लगातार उल्टी और दस्त हो रही थी। रात डेढ़ बजे परिवार के लोग तीनों बच्चों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां इमरजेंसी ड्यूटी पर रहे डॉक्टर गौरव मेंहदी दत्ता (अस्थि रोग विशेषज्ञ) ने भर्ती कर दिया। सुबह बच्चों के डॉक्टर को दिखाने की बात कही गई। रामकुमार का कहना है कि सुबह अस्पताल में यह कहकर भगा दिया गया कि बच्चे ठीक हैं। वह बच्चों को लेकर घर जा रहे थे तभी परिवार के अन्य लोग छोटे बेटे शिवा (3) को लेकर आते दिखे। परिजनों ने बताया कि भोर से शिवा की भी तबीयत खराब हो गई है, वह लोग जिला अस्पताल जा रहे थे।

इस पर रामकुमार ने जिला अस्पताल की आपबीती बताई और बच्चों को भरवारी के निजी अस्पताल ले जाने लगे। रास्ते में शिवा ने दम तोड़ दिया। बाकी के बीमार बच्चों को भरवारी के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। मामला संज्ञान में आने पर सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी महुली जा पहुंचे। वहां घटना की जानकारी होते ही वह भरवारी से बच्चों को साथ लेकर जिला अस्पताल आए और भर्ती करवा दिया। सीएमओ के सामने बीमार बच्चों के घरवाले चीख-चीखकर अस्पताल कर्मियों की बदसलूकी बयां कर रहे थे। घटना से नाराज सीएमओ ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
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