डीआईजी जेल ने शुक्रवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कुख्यात अनिल भाटी की बैरक भी देखी। साफ-सफाई व अन्य व्यवस्थाओं को लेकर जेलर की पीठ थपथपाई।
डीआईजी जेल बीआर वर्मा शुक्रवार सुबह जिला कारागार पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात अपराधी अनिल भाटी की बैरक का बारीकी से निरीक्षण किया। यहां उन्हें कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। बंदियों-कैदियों से पूछताछ के दौरान पता चला कि एक कैदी अनिल कुमार 500 रुपया जुर्माना अदा नहीं करने पर हफ्ते भर के लिए गुरुवार से जेल में है।
डीआईजी ने अपनी जेब से रकम जमा करके उसे रिहा कराया। निर्माणाधीन बिजली घर, कम्प्यूटर क्लॉस, प्रशिक्षण केन्द्रों आदि का भी डीआईजी ने निरीक्षण किया। कहीं भी उन्हें किसी तरह की कोई खामी नहीं मिली। इसे लेकर जेलर बीएस मुकुंद की सराहना की। डीआईजी के जाने के बाद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।