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तमंचे की नोक पर विवाहिता से दुराचार का प्रयास

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तमंचा दिखाकर विवाहिता से दुराचार का प्रयास
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-रात घर आने का बहाना बना दरिंदे के चंगुल से छूटी पीड़िता
-पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, एसपी से न्याय की गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। महेवाघाट इलाके में रविवार की शाम दरिंदे ने विवाहिता के साथ तमंचे के बल पर दुराचार का प्रयास किया। दरिंदे के चंगुल में फंसी पीड़िता रात घर पर आने का बहाना बताकर भाग निकली। परिजनों को आपबीती बताते हुए पीड़िता थाने पहुंची। आरोप है कि पुलिस ने उसे डांटकर भगा दिया। मंगलवार को पीड़िता ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
महेवाघाट थाना क्षेत्र के एक गांव की विवाहिता रविवार की शाम खेत की ओर गई थी। इसी दौरान पहले से घात लगाकर बैठा युवक दबोच कर दुराचार का प्रयास करने लगा। विरोध करने पर युवक ने तमंचा निकालते हुए जान से मारने की धमकी दी। दरिंदे के चंगुल में फंसी विवाहिता रात घर पर आने का बहाना करके भाग निकली। चंगुल से छूटी पीड़िता घर पहुंची और आपबीती परिजनों को बताई। दूसरे दिन पीड़िता शिकायत लेकर थाने पहुंची। आरोप है कि पुलिस ने उसे डांटकर भगा दिया। इलाकाई पुलिस से न्याय नहीं मिलता देख मंगलवार को पीड़िता मंझनपुर पहुंची और पुलिस अधीक्षक से मिल मामले की शिकायत की। एसपी प्रदीप गुप्ता ने महेवाघाट कोतवाल को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
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पौष पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं से पटे गंगाघाट
कड़ाके की ठंड भी नहीं रोक सकी स्नानार्थियों के कदम
फोटो...
-कड़ा, कुबरी, कालेश्वर, संदीपन आदि घाटों पर दिन भर डुबकी लगा अर्जित किया पुण्य लाभ
-गंगा में स्नान, दान के साथ शीतलाधाम में भी दर्शन-पूजन को लगी रही भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। पौष पूर्णिमा पर मंगलवार को कौशाम्बी के कड़ा समेत सभी गंगा घाटों पर स्नानार्थियों का मेला लगा रहा। भोर से शुरू हुआ गंगास्नान का सिलसिला सारा दिन चला। गंगा में स्नान, दान के साथ ही स्नानार्थियों ने शक्तिपीठ मां शीतला के दरबार में भी मत्था टेका। दर्शन-पूजन करके लोगों ने देवी मैया से सुख-समृद्धि की कामना की। गंगाघाट से लेकर मंदिर तक स्नानार्थियों की भीड़ संभालने में दिनभर पुलिसकर्मी पसीना बहाते रहे।
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पौष महीने के मंगलवार को पूर्णिमा थी। पौष पूर्णिमा स्नान के साथ ही कल्पवास का स्नान शुरू होता है। वहीं पौष पूर्णिमा पर गंगास्नान का धर्मशास्त्रों में भी विशेष महत्व बताया गया है। पौष पूर्णिमा पर कौशाम्बी के सभी गंगाघाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ दिखी। भोर से ही हर-हर गंगे का जयघोष करते हुए कड़ा, कुबरी, कालेश्वर, शहजादपुर, संदीपन, फतेहपुर समेत सभी गंगाघाटों पर स्नानार्थियों का जमघट लगने लगा था। सुबह बर्फीली हवा चलने के बावजूद भोर से ही गंगा में डुबकी लगाने को भीड़ आनी शुरू हो गई थी। स्नान का यह सिलसिला दिनभर चलता रहा। सबसे ज्यादा भीड़ कड़ा, कुबरी और कालेश्वर घाट पर रही। जहां कौशाम्बी के अलावा आसपास के अन्य जिलों से भी भारी संख्या में स्नानार्थी आए थे। गंगा में डुबकी लगाकर पंडों को दान-दक्षिणा देकर स्नान का पुण्य कमाने वालों ने शक्तिपीठ मां शीतला के दरबार में भी मत्था टेका। विधि-विधान से मां शीतला का दर्शन, पूजन करके लोगों ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
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