दोआबा में कुटीर उद्योग बना कच्ची शराब का कारोबार
कई गांवों में घर-घर होता है शराब बनाने और बेचने का कारोबार
बाराबंकी की घटना के बाद अलर्ट हुआ प्रशासन, डीएम ने बनाई टीम
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कच्ची शराब का कारोबार दोआबा में कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है। यहां कई गांवों में कुछ बस्तियां ऐसी हैं, जहां घर-घर शराब बनाकर बेची जाती है। यही हाल रहा तो बाराबंकी जैसी घटना जिले में भी होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि कौशाम्बी का जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। जिलाधिकारी ने टीम गठित कर दी है।
उद्योग विहीन कौशाम्बी जिले में कृषि के बाद या तो लोग जरायम की दुनिया का रुख करते हैं या फिर पलायन कर जाते हैं। कई गांवों में तमाम बस्तियां ऐसी भी हैं, जहां हर घर के लिए कच्ची शराब का धंधा दो जून की रोटी का साधन बन चुका है। इन परिवारों के पुरुष मजदूरी करने चले जाते हैं और महिलाएं शराब बनाकर बेचती हैं। बताया जाता है कि नशा बढ़ाने के लिए शराब में यूरिया खाद के साथ नशीली गोलियां भी मिलाई जाती हैं। इसके सेवन से पियक्कड़ों की सेहत खराब होती है। जान जाने का खतरा भी बना रहता है। प्रदेश के किसी हिस्से में कभी कोई बड़ी घटना होने अथवा विशेष अभियान चलने पर ही कार्रवाई की जाती है। वह भी दिखावे के लिए। एक-दो दिन छापा मारा जाता है।
इंसेट
बेखौफ हो चुके हैं कारोबारी
मंझनपुर। शराब के धंधे में लिप्त लोग बेखौफ हो चुके हैं। हाल यह है कि वह पुलिस पर हमला करने से भी पीछे नहीं हटते। करीब चार महीने पहले इंद्रानगर मोहल्ले में करारी पुलिस पर हमला किया गया था। इसी मोहल्ले में साल भर पहले आबकारी टीम के सदस्यों की पिर्टाी भी की गई थी। कार्रवाई न करने की एक और वजह यह भी है कि पुलिस खुद खौफजदा है।
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इनका कहना है
बाराबंकी की घटना के बाद कौशाम्बी में अलर्ट जारी किया गया है। तीनों सर्किल में एसडीएम, सीओ व आबकारी निरीक्षकों की अगुवाई में टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें कच्ची शराब कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी।
मनीष कुमार वर्मा-डीएम
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