मंझनपुर। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर गर्भवती पत्नी को जिंदा जला कर मार डालने के प्रयास में अदालत ने आरोपी पति को दस साल की कैद व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के मुताबिक प्रयागराज के अकबरपुर करैली में रहने वाली मलिका ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसने अपनी बेटी खुशबू की शादी 2014 में मंझनपुर कस्बे के गांधी नगर मोहल्ला निवासी मोहम्मद इकबाल पुत्र नौशाद के साथ की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज में 50 हजार रुपये की मांग कर खुशबू को प्रताड़ित करने लगे। इस बीच खुशबू को तीन महीने का गर्भ ठहर गया। वह अपने मायके गई तो पति जबरन लिवा ले गया। इसके बाद पति ने अपनी भाभी राबिया के साथ मिलकर खुशबू को पीटा और केरोसिन डालकर आग के हवाले कर दिाया।
काफी इलाज के बाद खुशबू की जान बच सकी। मामले में जानलेवा हमले व दहेज उत्पीड़न का मामला मंझनपुर कोतवाली में दर्ज कराया गया था। मामले सीजेएम कौशाम्बी की अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को शासकीय अधिवक्ता अब्दुल लतीफ ने अभियोजन की तरफ से आधा दर्जन गवाहों को पेश कर अभियुक्तों को सजा दिलाए जाने की मांग किया। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद नौशाद व उसकी भाभी राबिया को दस साल की कैद व 20 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने की सजा सुनाई है।
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