झल्लर की मौत को कैश करा रहा माफिया
पुलिस की सरगर्मी बढ़ने पर खामोश हुए विपक्षी
नामजद लोगों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि गिरफ्तारी का स्टे लेने को छूट दे रही पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सदर तहसील के डेढ़ावाल बालू घाट में एक व्यक्ति की जान चली गई। एक को गोली लगी..। लेकिन यह सब मोहरे थे। पुलिस असल माफिया तक पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। घटनाओं को लेकर अब तक दर्ज कराई जा चुकी तीन एफआईआर में सैकड़ों लोगों का नाम प्रकाश में आना चाहिए. बावजूद इसके पुलिस की जांच जीरो से आगे नहीं बढ़ सकी।
डेढ़ावाल घाट में काके सरदार का एक घाट है। यह घाट काफी दिनों से सुर्खियों में रहा। सपा शासन में यह घाट काके सिंडीकेट के इशारे पर चला रहा था। भाजपा सरकार बनने के बाद इलाहाबाद के चर्चित भाजपा नेता का दखल घाट के एक अन्य भूखंड पर बढ़ा। सफेदपोश ने अपने करीबी केशरीनंदन सिंह के नाम पर दूसरे भूखंड का टेंडर डाला। काके ने यहां खेल करके अपने करीबी को भी बोली के लिए लगा दिया। यहां भाजपा नेता का दांव उल्टा पड़ा। केशरीनंदन के घाट की नीलामी 315 रुपया प्रति घन मीटर की हुई जबकि काके के घाट में डेढ़ सौ रुपया प्रति घन मीटर की दर से बालू की नीलामी है। इसे लेकर बालू कारोबारियों की रंजिश बढ़ गई। 23 फरवरी को डेढ़ावाल गांव के झल्लर चौबे को आग से जिंदा जला दिया गया। मामले में तीन अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी हैं। इस प्रकरण में मृतक झल्लर चौबे और समीर सिंह के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। झल्लर की मौत हो चुकी है और समीर सिंह ने अदालत से गिरफ्तारी के लिए स्टे ले रखा है। इसके अलावा झल्लर को जिंदा जलाने के मामले में गांव के चौकीदार संतलाल की तहरीर पर दर्जनों अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। बालू घाट के ठेकेदार केशरीनंदन सिंह की तहरीर पर भी आगजनी, लूटपाट का मामला दर्ज किया गया है। इस सभी मामलों में पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
------
इनका कहना है
चौकीदार की तहरीर पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट में झल्लर चौबे की हत्या की धारा बढ़ाई गई है। झल्लर के घरवालों की तरफ से पुलिस को तहरीर नहीं मिली थी। घटना में तमाम लोगों का नाम प्रकाश में आया है। जल्द ही विवेचना में उनका नाम शामिल कर कार्रवाई की जाएगी।
हेमंत मिश्रा, थानाध्यक्ष पश्चिम शरीरा