मंझनपुर। सात साल पहले गोली मारकर मौत के घाट उतारे गए दलित रोशन लाल की हत्या में नामजद रहे दो अभियुक्तों को अदालत ने आजीवन कारावास व 30-30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अवैध शस्त्र रखने के मामले में एक आरोपी को पांच हजार का अतिरिक्त अर्थदंड जमा करना होगा।
अभियोजन के मुताबिक पश्चिम शरीरा थाने के मंगोली गांव निवासी भैयालाल ने 18 जुलाई 2001 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराया था। उसका बेटा रोशन विकलांग केंद्र पूरबशरीरा से घर लौट रहा था। रास्ते में घात लगाकर बैठे अंधावा गांव का बच्चा सिंह तथा उमरा के रविकरन ने उसे रोंक लिया। जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल कर गाली दी। विरोध करने पर अवैध असलहे से गोली मार दी। यह मामला अपर सत्र न्याधीश अनुपम कुमार की अदालत में विचाराधीन था। अदालत ने गुरुवार को सभी पक्षों को सुनने और चार्जशीट का अवलोकन करने बाद दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। इसके अलावा दोनों पर तीस-तीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। बच्चा सिंह के खिलाफ अवैध असलहा रखने का जुर्म साबित होने पर पांच हजार का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया है।