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गुलशन को छुड़ाने की कोशिश या फिर कोई साजिश!

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मंझनपुर। पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ के करीबी गुलशन यादव को कस्टडी से कथित तौर पर छुड़ाने की कोशिश ने अपने पीछे कई राज छोड़ दिए हैं। घटना के चंद रोज पहले जेल में प्रतापगढ़ के एमएलसी की गुलशन से मुलाकात से चर्चाओं को बल मिल रहा है। प्रतापगढ़ जिले के मऊदारा गांव निवासी कुंडा का पूर्व चेयरमैन गुलशन यादव राजा भैया का करीबी है। गुलशन के खिलाफ प्रतापगढ़ जिले में हत्या, अपहरण सहित करीब दो दर्जन मामले दर्ज हैं। सपा सरकार के दौरान गुलशन की प्रतापगढ़ में तूती बोलती थी। सूबे में जब-जब कभी गैर सपा सरकार बनी तो गुलशन को जेल जाना पड़ा।
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फिलहाल गुलशन यादव को प्रशासनिक आधार पर कौशांबी जेल शिफ्ट किया गया है। बुधवार को गुलशन को बज्र वाहन से प्रतापगढ़ कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाया जा रहा था। बकौल पुलिस ओसा चौराहे के समीप लग्जरी गाड़ियों से आए नौ लोगों ने गुलशन को छुड़ाने की कोशिश की। इस मामले में मंझनपुर कोतवाली के उप निरीक्षक राजेश सिंह की तहरीर पर अलग-अलग चार मामले दर्ज किए गए। पकड़े गए आशुतोष द्विवेदी, चंद्रप्रकाश सिंह, राजकुमार सिंह, धीरज कुमार, आमिर खान, चंद्रकेश मौर्य, रोहित कुमार,जमुना प्रसाद और संजीव कुमार को गिरफ्तार कर दो लाइसेंसी रायफल, एक पंप गन और एक नाजायज पिस्टल बरामद की गई। गुरुवार को सभी का चलान भेजा गया और न्यायालय ने सभी को जेल भेज दिया। इस घटना ने अपने पीछे तमाम सारे सवाल छोड़े हैं। जिसका जवाब पुलिस के पास नहीं है।

एक चर्चा तो यह भी है कि जेल में गुलशन की तन्हाई दूर करने के लिए उसके करीबियों को सलाखों को पीछेे भेजने की व्यवस्था की गई है। इस चर्चा को इस बात से भी बल मिलता है कि जो भी असलहे बरामद हुए, उनमें सिर्फ पिस्टल को छोड़कर सभी लाइसेंसी है। खुद गुलशन के भाई छविनाथ यादव ने मीडिया से दावा किया कि जो लोग पकड़े गए हैं, वह गुलशन की सुरक्षा के लिए आए थे। छविनाथ ने तो यहां तक कह दिया कि उसे भी आना था। पर तबीयत खराब होने की वजह से नहीं आ सका।
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जिले में ही क्यों हुई अपहरण की कोशिश
जानकारों का कहना है कि वास्तव में यदि गुलशन को कस्टडी से छुडाने का इरादा होता तो उसके लिए कौशाम्बी से ज्यादा मुफीद प्रतापगढ़ का इलाका साबित होता। तो फिर, कौशाम्बी मेें ही क्यों कोशिश की गई? इसके भी मायने बताए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि गुलशन कौशांबी जेल में है। इसलिए ऐसा प्लान किया गया कि उसके करीबी भी उसके साथ रह सके। सदि प्रतापगढ़ में घटना को अंजाम दिया गया होता तो फिर पकड़े गए लोग बेल्हा की जेत में बंद किए जाते।

सेशन से मिल सकती है जमानत
पुलिस विभाग में चर्चा रही कि जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है उसकी जमानत सेशन कोर्ट से मिल सकती है। बशर्ते वह लोग जमानत के लिए आवेदन करें।

गुलशन यादव को किस बैरक में रखा गया है यह गोपनीय बात है। उसकी बैरक में काफी बंदी है। कौन किसका करीबी है, इसकी जानकारी नहीं है। अगर कहीं गड़बड़ी मिली तो बैरक बदलने की कार्रवाई की जाएगी।
बीएस मुकुंद, प्रभारी जेलर,कौशाम्बी

गुलशन यादव को छुड़ाने की कोशिश हुई थी। उसकी सुरक्षा में रहे पुलिस कर्मियों से बदसलूकी भी हुई है। मामले की रिपोर्ट दर्ज कर गुरुवार को सभी का चालान कर दिया गया। करीबियों ने अगर किसी तरह का प्लान तैयार किया है तो उसकी भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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पवन त्रिवेदी, इंस्पेक्टर मंझनपुर
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