मंझनपुर। जिला कचहरी में गुरुवार को भी संगीनों का साया रहा। पूर्व चेयरमैन नरेश चंद्र केसरवानी की गिरफ्तारी और गैंगेस्टर की मांग पर अड़े वकील तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। कचहरी में अधिवक्ता संघ और डीएम-एसपी की बैठक होनी थी, जो किसी कारण से टल गई। अब अधिवक्ता शुक्रवार को बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
जिला कचहरी के सामने मंझनपुर के पूर्व चेयरमैन नरेश चंद्र केसरवानी की जमीन है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जमीन से सटी जीएस लैंड है। वह उस पर चैंबर बनाना चाह रहे हैं। इसे लेकर अधिवक्ताओं और पूर्व चेयरमैन के बीच विवाद चल रहा है। मंगलवार को पैमाइश के लिए राजस्व विभाग की टीम पहुंची थी। टीम के सामने ही अधिवक्ताओं और पूर्व चेयरमैन समर्थकों के बीच मारपीट हो गई। घटना के बाद अधिवक्ता अपना मेडिकल कराने के लिए पीएचसी गए वहां पूर्व चेयरमैन के समर्थकों ने हमला बोल दिया।
घटना में कड़ा निवासी अधिवक्ता शाहिद अब्बास गंभीर रूप से जख्मी हो गए। मामले में अधिवक्ता व पूर्व चेयरमैन के भतीजे की तहरीर पर क्रास केस दर्ज किया गया। घटना के बाद से वकील हड़ताल पर हैं। मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार के महामंत्री लक्ष्मीकांत त्रिपाठी का कहना है कि गुरुवार को डीएम मनीष कुमार वर्मा और पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता वकीलों के साथ वार्ता के लिए आने वाले थे। इसी वजह से अधिवक्ताओं ने शांति पूर्वक हड़ताल जारी रखी। अफसर बैठक के लिए नहीं आए। अब शुक्रवार को अधिवक्ता बैठक कर आगे की रणनीति तैयार करेंगे।