मंझनपुर। ज्योतिबा फुले राजकीय पॉलीटेक्निक में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के साथ-साथ छात्राओं की सुरक्षा के इंतजाम भी दुरुस्त नहीं हैं। कॉलेज परिसर में बने गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा का जिम्मा दो पुरुष शिक्षकों पर छोड़ा गया है। हॉस्टल परिसर में शराब और बीयर की बोतलें कुछ और बयां कर रहे हैं। जिम्मेदारों के पास भी इसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं है।
बिजली-पानी को लेकर पॉलीटेक्निक के छात्र-छात्राओं ने बुधवार को तालाबंदी कर विरोध-प्रदर्शन किया था। सबसे ज्यादा समस्या कॉलेज परिसर में बने प्रियदर्शनी गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं की थी। कॉलेज प्रशासन बिजली तो दूर, तीन दिन तक उन्हें पानी उपलब्ध नहीं करा सका था। वॉशरूम में भी पानी की व्यवस्था नहीं कराई गई थी। नाराज छात्राएं बिना ब्रश किए, आंदोलन पर उतर आईं। तीन घंटे से ज्यादा तक हंगामा हुआ। नाराज विधार्थियों ने कॉलेज में तालाबंदी कर दी। हंगामे की जानकारी पर पहुंचीं नायब तहसीलदार सदर को छात्राओं ने हॉस्टल के पास पड़ी बीयर और महंगी अंग्रेजी शराब की खाली बोतलें दिखाईं। हॉस्टल के दरवाजे खिड़की भी बदहाल थे। मेन गेट का लॉक खराब था।
राजकीय पॉलीटेक्निक की बाउंड्रीवॉल टूटी है। आवारा मवेशी उसी रास्ते से परिसर में घूमते रहते हैं। छुट्टा मवेशियों से पढ़ने वाले विद्यार्थियों को खतरा बना रहता है। इसके अलावा पूरे कॉलेज परिसर में बड़ी-बड़ी घास उगी है। जिसमें जहरीले जंतुओं का भी खतरा है। कहने को हॉस्टल की सुरक्षा के लिए तीन वार्डेन की तैनाती की गई है लेकिन रहती एक भी नहीं है। छात्राओं की सुरक्षा का जिम्मा दो पुरूष अध्यापकों के ऊपर छोड़ी गई हैं। मामले का खुलासा होने के बाद जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने जांच का आदेश दिया है।
प्रिंसिपल ने मजदूरों पर जताया संदेह
मंझनपुर। राजकीय पॉलीटेक्निक में शराब कौन लाया था। इस रहस्य से पर्दा नहीं उठ सका है। कॉलेज प्रशासन का तर्क भी समझ से परे है।
बिजली-पानी को लेकर बुधवार को विद्यार्थियों के हंगामे के बाद मामले की जांच के लिए नायब तहसीलदार पहुंची थीं। जांच के दौरान परिसर में शराब और बीयर की बोतलें मिली थीं। शराब महंगे ब्रांड की थी। इस पर कॉलेज के प्रिसिंपल लाल सिंह ने तर्क दिया, दो महीने पहले कॉलेज में वाईफाई लगाने के लिए मजदूर आए थे। हो सकता है उन्हीं लोगों ने शराब पी हो। अब सवाल यह उठता है अगर मजदूर आए थे तो वह इतनी महंगी शराब कैसे पी सकते हैं। इस बाबत प्रिसिंपल जवाब नहीं दे सके। उनका कहना है मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
विरोध करने पर रस्टीकेट करने की धमकी
मंझनपुर। राजकीय पॉलीटेक्निक में पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने बताया उन्हें कॉलेज प्रशासन अब रस्टीकेट करने की धमकी दे रहा है। गुरुवार को विद्यार्थियों को तमाम तरीके से परेशान किया गया। छात्रों ने बताया कि स्कॉलरशिप का फार्म अभी तक सीधे जमा हो जाया करता था। आज फार्म पर तीन अध्यापकों से हस्ताक्षर कराकर लाने को कहा जा रहा है। इसके अलावा गार्जियन का नंबर मांगा गया है। 50 प्रतिशत से कम हाजिरी पर फार्म नहीं जमा कराए जा रहे हैं। इसी तरह से तमाम आरोप लगाकर प्रताड़ित किया जा रहा है।
किराए का जेनरेटर मंगवाकर की गई पानी व्यवस्था
मंझनपुर। राजकीय पॉलीटेक्निक में विधार्थियों के हंगामे के बाद गुरुवार को कॉलेज प्रशासन ने सबमर्सिबल को ठीक कराया। किराए का जनरेटर मंगवाकर सिर्फ आधे घंटे के लिए पानी चलवाया गया।
ट्रांसफार्मर पहुंचा, लगाने का संकट
मंझनपुर। राजकीय पॉलीटेक्निक में फुंके ट्रांसफार्मर की व्यवस्था डीएम मनीष कुमार वर्मा ने करवा तो दी लेकिन अब उसे लगाने का संकट है। दरअसल जिस स्थान पर ट्रांसफार्मर लगा है उसके नीचे कमर तक पानी भरा है। अवर अभियंता हाईड्रिल ने पानी में मिट्टी डलवाने को कहा तो कॉलेज प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिये। कॉलेज प्रशासन का कहना था कि हाइड्रा से ट्रांसफार्मर चढ़ाया जाता है। बिजली विभाग शाम तक हाइड्रा की व्यवस्था नहीं कर सका था।
रियॉलिटी चेक में फेल नजर आया पॉलीटेक्निक
मंझनपुर। राजकीय पॉलीटेक्निक में सुरक्षा के सारे इंतजाम फेल नजर आए। गुरुवार को अमर उजाला टीम कॉलेज पहुंची। मेन गेट के पास बने गार्ड रूम में दो गार्ड बैठे थे। लेकिन किसी ने टीम के सदस्यों को रोकने की जहमत नहीं उठाई। कॉलेज की बिल्डिंग के बाहर कुछ लोग शराब की बोतलों को लेकर बातें करके ठहाके लगा रहे थे। टीम के लोग लैब तक पहुंच गए, लेकिन किसी ने उन्हें रोकना या फिर पूछताछ करना जरूरी नहीं समझा।
गर्ल्स हॉस्टल में घुसा टीचर, बिफरी छात्राएं
मंझनपुर। छात्राओं के हंगामे के बाद कॉलेज का एक टीचर गुरुवार को छात्रावास पहुंच गया। इससे छात्राएं बिफर पड़ीं। टीचर ने बताया वह प्रिसिंपल के साथ ही हॉस्टल की बदहाली देखने के लिए गया था। प्रिंसिपल लाल सिंह से समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
क्या कहते हैं प्रिंसिपल
ट्रांसफार्मर फुंकने की वजह से दिक्कत आई थी। नया ट्रांसफार्मर आ गया है। सुबह जेनरेटर चलवा कर हॉस्टल में पानी की व्यवस्था कराई गई है। हॉस्टल में इनवर्टर भी लगा है, लेकिन आपूर्ति कम मिल पाने की वजह से वह जल्दी ही डिस्चार्ज हो जाता है। आवास की समस्या के कारण वार्डेन रात्रि प्रवास नहीं करती हैं। दो अध्यापकों के रहने का इंतजाम किया गया है। रात आठ बजे तक छात्राओं को अंदर से हॉस्टल लॉक करने के लिए कहा गया है। गेटमैन रात को परिसर में गश्त करता है।
लाल सिंह, प्रिंसिपल राजकीय पॉलीटेक्निक