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दोआबा में हारिल पक्षियों का शिकार

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दोआबा में हारिल पक्षियों का शिकार
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-सैनी पुलिस के हत्थे चढ़े दो शिकारी, डेढ़ दर्जन पक्षी बरामद
-जांच पड़ताल करते हुए शिकारियों को पुलिस ने भेजा हवालात
फोटो-
अमर उजाला ब्यूरो
सिराथू (कौशाम्बी)। कौशाम्बी में इन दिनों पक्षियों का भी शिकार किया जा रहा है। सैनी कोतवाली पुलिस ने शनिवार की दोपहर अटसराय के जंगल से पक्षियों का शिकार करने वाले दो शिकारियों को धर दबोचा। पुलिस ने शिकारियों के कब्जे से डेढ़ दर्जन हारिल पक्षी बरामद किया है। जांच पड़ताल करते हुए पुलिस से शिकारियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
गंगा तराई के जंगलों में बसेरा करने वाले हारिल पक्षियों पर इन दिनों शिकारियों की नजर लगी हुई है। सैनी कोतवाली के अटसराय गांव के समीप जंगल में रविवार की दोपहर दो शिकारी पक्षियों का शिकार कर रहे थे। इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो पुलिस को सूचना दी। पक्षियों के शिकार की खबर मिलते ही हरकत में आई पुलिस जंगल में पहुंची। घेराबंदी करते हुए पुलिस ने दो शिकारियों को धर दबोचा। शिकारियों के कब्जे से पुलिस ने डेढ़ दर्जन हारिल पक्षी बरामद किया। पकड़े गए शिकारी सूरज पुत्र मोतीलाल निवासी सरायहार फतेहपुर व रामसिंह पुत्र सुरेश निवासी खैरोलालगंज रायबरेली बताए गए हैं। शिकारियों ने पुलिस को बताया कि वह पक्षियों का शिकार करने के बाद पक्षियों का शिकार करने के बाद उन्हें पड़ोसी जिले के मांस खाने वाले शौकीनों को बेंच दिया जाता है। एक पक्षी का मांस करीब दो सौ रुपए का बिकता है। पुलिस ने जांच पड़ताल करते हुए शिकारियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
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महाराष्ट्र का राजकीय पक्षी है हरियाल
हारिल पक्षी को हरियाल अथवा ग्रीन पिजन के नाम से भी जाना जाता है। इसको महाराष्ट्र सरकार का राजकीय पक्षी माना जाता है। यह पक्षी कबूतर प्रजाति का है। जो हरे-पीले और सिलेटी रंग का होता है।
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