रामपूजन को गंगा निगल गईं या आसमान
15 दिन पहले सिहोरी पुला पर सुसाइड नोट छोड़कर नदी में लगाई थी छलांग
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सिहोरी पुल पर सुसाइड नोट छोड़कर गंगा नदी में छलांग लगाने वाले रामपूजन को कोखराज पुलिस बिसर गई है। अभी तक उसका सुराग नहीं लग सका है। इससे पीड़ित परिजन परेशान हैं।
प्रयागराज के सोरांव थाना क्षेत्र स्थित मलाका हरिहर राजताली गांव का रामपूजन पटेल (30) पुत्र स्व. हीरालाल मारुति वैन चलाकर परिवार का खर्च चलाता था। उसकी बीवी पूजा ने बताया कि रामपूजन ने पड़ोसियों व पड़ोसी गांवों के करीब आधा दर्जन सूदखोरों से लाखों रुपया कर्ज ले रखा था। इस बीच सूदखोर परेशान करने लगे थे। अक्सर वह घर आकर गाली-गलौज करते थे। रामपूजन के साथ कहीं आते-जाते वक्त रास्ते में रोककर भी अभद्रता करते थे। इसकी वजह से रामपूजन का जीना मुश्किल हो गया था। परिजनों की मानें तो करीब 15 दिन पहले रामपूजन ने सिहारी पुल पर सुसाइड नोट छोड़कर गंगा नदी में छलांग लगा दी थी। सुसाइड नोट में उसने सूदखोरों से परेशान होकर खुदकुशी करने की बात लिखी थी। घटना के बाद दो दिन तक तो पुलिस ने नदी में जाल डलवाकर रामपूजन को खोजने का प्रयास किया। इसके बाद उसे बिसरा दिया गया। इस संदर्भ में कोखराज इंस्पेक्टर राकेश सरोज का कहना है कि घटना संदिग्ध है। युवक को नदी में खोजने की कोशिश की गई,लेकिन वह नहीं मिला। अन्य संभावित स्थानों पर तलाश कराई जा रही है।