करारी के चेहल्लुम में नौहा पढ़ते महमूद अहमद। संवाद
कस्बे में शुक्रवार को इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके साथ कर्बला में शहीद हुए शोहदाओं का चेहल्लुम अकीदत और गमगीन माहौल में मनाया गया। सुबह आठ बजे मरहूम रौशन अली के अजाखाने में मजलिस का आयोजन हुआ जिसमें मौलाना सैयद शहाब सलमान रिजवी ने कर्बला के शहीदों का जिक्र किया। उनकी तकरीर सुनकर मौजूद अजादारों की आंखें नम हो गईं। दूसरी मजलिस हुसैनिया शरीफाबाद में मौलाना मेराज हैदर ने पढ़ी, जबकि जुलूस की मजलिस चौधरी कादिर अली मरहूम के इमामबाड़ा चमनगंज में मौलाना सैयद जमीर हैदर रिजवी ने खिताब किया। नमाजे जुमा के बाद जुलूस बरामद हुआ। इस दौरान नौहा ख्वानी में हमूद अहमद रिजवी ने मातम किया। कर्बला पहुंचने के बाद गमगीन माहौल में हुसैन अलविदा की सदाओं के बीच ताजिया दफन किया गया। संवाद