नेशनल हाईवे पर यातायात निरीक्षक (टीआई) की वर्दी पहनकर वाहनों से वसूली करने वाले शातिर के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में लापरवाही बरतने वाले डायल-112 में तैनात मुख्य आरक्षी को निलंबित कर दिया गया है। साथ रहे होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला कमांडेंट को रिपोर्ट भेज दी गई है।
कोखराज टोल प्लॉजा के पास से अक्सर एक युवक टीआई बन ट्रकों पर सवार होने के बाद चालकों से वसूली करता था। रुपये नहीं देने पर वह यूपी-112 पुलिस को कॉल कर देता था। आगे जाकर यूपी-112 पुलिस उस वाहन रोक लेती थी और धौंस दिखाकर वसूली करती थी।
सोमवार दोपहर भी यह युवक पंजाब प्रांत के लुधियाना शहर के क्लॉड निवासी चालक प्रभुजोत सिंह के ट्रक पर कोखराज से सवार हुआ। कल्यानपुर के पास यूपी-112 पुलिस ने ट्रक को रोक लिया। ड्राइवर किसी तरह ट्रक को लेकर केसरिया पहुंचा। वहां आरोपी युवक को नीचे उतारने के बाद कई ट्रक चालकों ने मिल उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी थी।
सूचना के बाद आई पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर कोतवाली चली गई। कोतवाल जयचंद्र शर्मा ने बताया कि पूछताछ में आरोपी युवक ने अपना नाम मो. शाहिद उर्फ बलविंदर निवासी प्रयागराज के पूरामुफ्ती थानांतर्गत बमरौलीपुर पजावा बताया। आरोपी के खिलाफ मंगलवार को डर पैदा कर अवैध वसूली करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर चालान न्यायालय भेजा। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पीआरवी की जानकारी में हो रही थी वसूली
फर्जी टीआई बनकर अवैध वसूली का खेल में यूपी-112 पीआरवी की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। कहा जा रहा है कि सबकुछ पीआरवी की मिलीभगत से हो रहा था। तभी तो पीआरवी में तैनात मुख्य आरक्षी प्रहलाद कुमार और होमगार्ड धीरज कुमार त्रिपाठी ने आरोपी को वसूली करने से नहीं रोका। अधिकारियों को इसकी सूचना भी नहीं दी। इसी लापरवाही के चलते मुख्य आरक्षी को निलंबित कर एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट कमांडेंट को भेज दी है।
हाईवे पर हो रही वसूली से टीआई भी अनजान
-हाईवे पर काफी दिनों से फर्जी टीआई बनकर वसूली का खेल चल रहा था, लेकिन जिले के यातायात निरीक्षक इससे बेखबर रहे। टीआई कमलेश पांडेय ने ऐसी किसी भी जानकारी से इंकार करते हुए बताया कि वह वसूली करने वाले युवक को वह जानना तो दूर पहचानते तक नहीं हैं।