कोखराज कोतवाली के बिसारा गांव निवासी किसान की हत्या के बाद राम वन गमन मार्ग पर शव रखकर बृहस्पतिवार को सड़क जाम करने वाले 11 नामजद समेत 71 पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। सिंघिया चौकी में तैनात सिपाही ने मामले की शुक्रवार को तहरीर दी थी। सड़क जाम करने के साथ से राहगीरों से बदसलूकी करने का मुकदमा दर्ज किया है। उधर, घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस हत्यारोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकाने पर छापेमारी का दावा पुलिस कर रही है।
बिसारा निवासी नरेश कुमार (65) की हाईवे किनारे जमीन है। नरेश ने अपनी डेढ़ बीघा जमीन टीकरडीह के अजय कुमार दुबे को 80 लाख रुपये में बेची थी। नरेश को एडवांस में 10 लाख रुपये मिले थे, बाकी रकम के लिए लगातार नरेश दबाव बना रहा था। बुधवार को प्रॉपर्टी डीलर अजय कुमार दुबे ने उसको बुलाया था। पैसा देने के बहाने गाड़ी में बैठाकर ले गया। इसके बाद नरेश घर नहीं लौटे। रात में उनका शव चित्रकूट के बेड़ी पुलिया (कर्वी) के सामने रेलवे ट्रैक पर मिला था।
पोस्टमार्टम के बाद लौटे घरवालों ने ग्रामीणों संग मिलकर नरेश का शव बिसारा टावर के पास रखकर तीन घंटे तक राम वन गमन मार्ग जाम कर दिया था। इस दौरान राहगीरों से अभद्रता की गई थी। आक्रोशित लोग प्रापर्टी डीलर अजय दुबे व उसके साथी पर मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। इंस्पेक्टर चंद्रभूषण मौर्य ने बताया कि मृतक नरेश के बेटे सूरज की तहरीर पर बृहस्पतिवार रात ही आरोपी प्रापर्टी डीलर व उसके एक अज्ञात साथी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई थी।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
सड़क जाम करने व राहगीरों से बदसलूकी करने के आरोप में कोखराज पुलिस ने भदवां निवासी राम प्रसाद प्रजापति, बभन पुरवा निवासी मनोज कुमार, बिसारा निवासी अमर सरोज, गुलाब सरोज, कल्लू सरोज, संतोष, रसूलपुर गिरसा निवासी मान सिंह, पांडेय मऊ निवासी रिंकू सरोज, सरवा काजी निवासी सुनील, अर्पित व अर्पित के भाई को नामजद किया गया है।
वीडियो फुटेज से चिह्नित किए जा रहे अज्ञात आरोपी
सड़क जाम करने के दौरान मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मचारियों ने वीडियो भी बनाया था। पुलिस इसी वीडियो को देखकर अज्ञात आरोपियों की पहचान कर रही है। कोखराज इंस्पेक्टर सीबी मौर्य ने बताया कि किसी भी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। दोषियों को बख्शा भी नहीं जाएगा।