फर्जी मेट्रोमोनियल आईडी बनाकर लोगों से ठगी करने वाले दंपती को पुलिस ने मंगलवार को जेल भेज दिया है। आरोपी दंपती के खिलाफ मंझनपुर व पश्चिमशरीरा कोतवाली इलाके में मुकदमा दर्ज था। गिरोह के दो सदस्य पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।
एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि जिले से 10 लाख की ठगी की बात सामने आई है। माना जा रहा है कि बंटी-बबली ने करोड़ों रुपये की ठगी की होगी। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने बताया कि शादी डाॅट काम व जीवन साथी डाॅट काम के नाम से फर्जी आईडी बनाकर प्रयागराज के कल्याणी देवी में रहने वाले अश्वनी कुमार वैश्य व उसकी पत्नी रीतू वैश्य उर्फ रीतू यादव लोगों से शादी कराने के नाम पर ठगी करते थे। इनके निशाने पर खासकर वैश्य बिरादरी के लोग रहते थे।
अश्वनी अपनी फोटो लगाकर फर्जी प्रोफाइल डालता था। झांसे में जो लोग फंस जाते थे, वह उनसे बात करता था। इसके बाद नकदी व जेवरात लेने के बाद सिम कार्ड तोड़कर फेंक दिया जाता था। इन लोगों ने मंझनपुर व पश्चिशरीरा कोतवाली इलाके में ठगी की थी। गिरोह के दो सदस्य पहले ही पकड़े जा चुके हैं।
वांक्षितों की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण एसएटीएफ को भी सूचना दी गई थी। इसके अलावा दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मंझनपुर कोतवाली पुलिस ने लिखापढ़ी के बाद चालान न्यायालय भेजा जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
अभियुक्त अश्वनी कुमार वैश्व।