पचपन का शौक यदि जूनून की हद तक पहुंच जाए तो उसे पूरा होने से कोई नहीं रोक सकता। कौशाम्बी के रुद्र नारायण भी इसी जूनून के साथ सीढ़ी दर सीढ़ी शूटिंग प्रतियोगिता में आगे बढ़ रहे हैं।
आठवीं के छात्र और 14 साल की उम्र में इनको जिले व मंडल में गोल्ड मेडल मिला है। अब प्रदेश स्तर पर गोल्ड मेडल लाने की तमन्ना लिए लगातार अभ्यास कर रहे हैं। शूटिंग का शौक इनको पिता की एयरगन से लगा। सटीक निशाना लगाने के बाद मिलने वाली तारीफ ने इनको उत्साहित किया।
सरसवां ब्लॉक के कुम्हियावां निवासी अनुराग मिश्रा के बेटे रुद्र नारायण मिश्र की प्रारंभिक शिक्षा प्रयागराज के झलवा स्थित एक नामी स्कूल में हुई है। यहां पढ़ाई के दौरान इनको खेल के लिए इनको समय नहीं मिल पाता था। ऐसे में रुद्र ने स्कूल से नाम कटावा लिया और गांव में शिक्षा लेने की योजना बनाई।
रुद्र ने अपना नामांकन भरसवां के एक निजी स्कूल में कराया। यहां रहकर यह पढ़ाई के साथ ही मनौरी की एक शूटिंग अकादमी से प्रशिक्षण लेने लगे। आज रुद्र जिला व मंडल में शूटिंग में गोल्ड मेडल हासिल कर चुके हैं।
छह अक्तूबर से मेरठ में होने वाली प्रदेश स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता की तैयारी में रुद्र जुटे हैं। पिता अनुराग मिश्रा की मानें तो उनके पास एक एयरगन थी। करीब चार साल की उम्र में रुद्र उससे खेलने लगे।
पिता ने उत्सुकता से उनको गन चलाना बता दिया। इसके बाद रुद्र निशाने पर निशाना लगाने लगे। अनुराग ने बताया कि रुद्र एक ही प्वाइंट को घंटों तक देखते रह सकते हैं। इनकी इस क्षमता ने निशाने में और निखार ला दिया।
कडा अनुशासन का करते हैं पालन
- पिता अनुराग की मानें तो रुद्र खेल के साथ ही पढ़ाई को लेकर भी सचेत है। कब खेलना है और कब पढ़ाई करना है। इसके लिए पूरी तरह से टाइम टेबल का पालन होता है। इनकी मां संध्या गृहणी व छोटी बहन सान्वी पढ़ाई करती है। पिता कारोबारी हैं।