शासन की ओर से जांच में अधोमानक पाई गईं दो आयुर्वेदिक औषधियों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। पौरुष जीवन और गुड हेल्थ कैप्सूल की बिक्री अब दुकानदार नहीं कर सकेंगे। सोमवार को क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी ने दुकानदारों की इन दवाओं की खरीद व बिक्री न करने के निर्देश दिए।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अक्षय लाल ने बताया कि नोएडा की कंपनी मेसर्स देव फार्मेसी आयुर्वेदिक औषधि पौरुष जीवन कैप्सूल और मध्यप्रदेश के इंदौर की कंपनी मेसर्स मेडविन फार्माटेक गुड हेल्थ कैप्सूल बनाती है। ये दवाएं बाजार में बिक रहीं थीं।
प्रदेश स्तर पर सैंपलिंग कराकर इनकी जांच कराई गई। जांच में दोनों औषधियों में काॅर्टिको स्टेरायड की मात्रा पाई गई। यह जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। कार्टिको स्टेरायड के सेवन से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। लोगों को चलने फिरने में दिक्कत समेत अन्य परेशानियां होने लगती हैं।
इसके अलावा शरीर के अन्य अंगों को भी यह नुकसान पंहुचता है। यूनानी अधिकारी के मुताबिक इन दवाओं में जो मिश्रण है, उस पर भी प्रतिबंध है। इसलिए शासन स्तर से इन दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
डॉ. अक्षय के मुताबिक जिले में जो भी दुकानदार इन दवाओं की बिक्री करता मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए छापा मारा जा रहा है। अन्य दवाओं के भी नमूने भी लिए जा रहे हैं। किसी भी दवा में मिलावट पाई गई या निर्माण मानक के मुताबिक नहीं मिला तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।