भूमि हड़पने के लिए मृत पड़ोसी की पत्नी बनी महिला की जमानत निरस्त
-सैनी कोतवाली के सिराथू कस्बे के गाजी का पुरवा मोहल्ले की घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जिला जज अनुपम कुमार की अदालत ने बृहस्पतिवार को एक जालसाज महिला की जमानत अर्जी खारिज कर दी। महिला के खिलाफ मृत पड़ोसी की जमीन की लालच में फर्जी आधार कार्ड व मतदाता पहचान पत्र बनवा कर जमीन खुद व बेटे के नाम करवाने की कोशिश का आरोप है।
सिराथू कस्बे के गाजी का पुरवा निवासी महमूदुल हसन का 29 अक्तूबर 2017 को इंतकाल हो गया था। मृतक महमूदुल के भाई अनवारुल हसन के साथ साजिश रचकर पड़ोसी गुलाम मुर्शलीम व उसकी मां आलिया बेगम ने खुद को मृतक महमूदुल का बेटा व पत्नी बताते हुए जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में जमीन के लिए दावा ठोक दिया। दोनों ने कोर्ट में अपना फर्जी आधार कार्ड व मतदाता पहचान पत्र भी दाखिल किया था। जानकारी होने पर मृतक महमूदुल के बेटे एजाज अहमद ने सैनी थाना में तीनों के खिलाफ जालसाजी का नामजद मुकदमा दर्ज करा दिया था। पुलिस ने विवेचनात्मक कार्रवाई करते हुए आरोपितों को जेल भेज दिया था। बृहस्पतिवार को आलिया बेगम की ओर से दाखिल जमानत अर्जी पर जिला जज अनुपम कुमार की अदालत में बहस हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता सोमेश्वर तिवारी ने जमानत का विरोध किया। दोनों ओर से की गई बहस को सुनने व पुलिस केस डायरी का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने आरोपी आलिया बेगम की जमानत अर्जी खारिज कर दी।