सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले में पकड़े एक आरोपी की अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है। आरोपी की तरफ से अधिवक्ता ने दलील दी कि सदर इंस्पेक्टर संतोष शर्मा जब प्रयागराज के जार्जटाउन थाने में तैनात थे तो उसका विवाद हुआ था। इसी खुन्नस में इंस्पेक्टर जबरन फंसाया गया है।
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) व साइबर थाने की पुलिस ने 15 फरवरी को ओसा के समीप बलेनो कार सवार तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। जिसमें भदोही जिले के गोपीगंज कोतवाली के जगनिया निवासी पुनीत सिंह भी था। आरोपियों के पास से 8.84 लाख, चार फर्जी मुहर, 14 पुलिस भर्ती के प्रवेश पत्र, तीन चेक, लैपटाॅप, एक फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए थे। पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था।
इसी मामले में पुनीत सिंह के अधिवक्ता की तरफ से जिला जज अनुपम कुमार की अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र दिया गया। बताया गया कि पुनीत अधिवक्ता है। प्रयागराज के जार्जटाउन थाने में जब इंस्पेक्टर संतोष शर्मा (मौजूदा सदर कोतवाल) तो उसका एक मामले को लेकर विवाद हुआ था। इसे लेकर संतोष शर्मा उससे रंजिश रखते थे।
वह गिरफ्तारी के तीन दिन पहले हिरासत में लेकर आए व फर्जी तरीके से फंसा दिया। अभियोजन की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता सोमेश्वर तिवारी ने जमानत अर्जी का विरोध किया। कोर्ट ने सभी पक्ष को सुनने के बाद आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।