कोतवाली के बैरगांव निवासी दुर्गेश शुक्ला उर्फ सोनू के घर आए कथित समर्थ (50) की वास्तविक पहचान व उसके पते की तस्दीक कराने में पुलिस के सारे प्रयास विफल रहे। पुलिस अब सोशल मीडिया का सहारा लेकर उसकी पहचान का प्रयास कर रही है। शुक्रवार को पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर उसके फोटो वाले पोस्टर भी चस्पा कराए।
दुर्गेश शुक्ला का कहना था कि पांच वर्ष पहले उनकी मुलाकात झलवा में समर्थ से हुई थी। समर्थ बताया करता था कि वह लॉ कॉलेज में दाखिला कराने का ठेका लेता था। दो बच्चों के दाखिले के चक्कर में वह बैरगांव आया था। रात को उसने दुर्गेश के घर के अंदर खुद को कमरे में बंद कर कनपटी में पिस्टल सटाकर गोली मारकर जान दे दी थी।
इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने बताया कि समर्थ ने जिन नंबरों से फोन पर बात किया था, उनसे संपर्क कर पते की तस्दीक कराने का प्रयास किया गया। मेरठ के एक नंबर पर भी उसने बात की थी। उससे भी संपर्क किया गया, लेकिन वह भी उसके घर का पता नहीं बता सका।
दुर्गेश के बयान के आधार पर प्रयागराज के मठ में जांच करने पहुंची पुलिस टीम को भी कोई सफलता नहीं मिली। दरअसल दुर्गेश ने बताया था कि समर्थ अक्सर खुद को काशी के मठ का सदस्य बताया करता था। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चिपकवाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया में भी मृतक की फोटो प्रसारित कराई गई है।