मंझनपुर। सीएजेएम पूर्णिमा प्रांजल की अदालत ने राज्य विवि की परीक्षा में फर्जी प्रवेश पत्र के साथ पकड़े गए युवक को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने आरोपी पर दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। जुर्माने की रकम नहीं जमा करने पर दोषी को दस दिन की सजा भुगतने का आदेश सुनाया है।
अभियोजन के अनुसार भरवारी कस्बे के एनडी कॉलोनी निवासी अविनाश कुमार वर्ष 2018 में राज्य विश्वविद्यालय की ओर से सैनी कोतवाली के बाबू सिंह डिग्री कॉलेज सयांरा में स्नातक की परीक्षा देने गया था। विश्वविद्यालय के उड़नदस्ते ने निरीक्षण किया तो परीक्षार्थी और उसके प्रवेश पत्र पर चस्पा फोटो का मिलान नहीं हो सका। आधार कार्ड मांगा गया तो वह दिखा नहीं सका। इसके बदले अपने कॉलेज के प्राचार्य के लेटर पैड पर प्रमाणित फोटोयुक्त पत्र दिखाया।
इस पर फर्जी प्रवेश पत्र के आरोप में बाबूसिंह कॉलेज के प्राचार्य ने सैनी कोतवाली में अविनाश कुमार सिंह के खिलाफ तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई सीएजेएम पूर्णिमा प्रांजल की अदालत में हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया।