कौशाम्बी कोतवाली के पाली उपहार गांव में सियार के हमले से जख्मी दुधमुंहा बच्चे की बुधवार रात अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हाे गई। बृहस्पतिवार की सुबह घर वालों ने बच्चे के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पाली गांव निवासी मजदूर गंगा निषाद ने बताया कि बुधवार को उसकी पत्नी अपने तीन महीने के मासूम बच्चे को लेकर खेत में मिर्चा तोड़ने गई थी। मासूम बच्चे को मेड़ पर सुला कर वह खेत में मिर्चा तोड़ने लगी। इसी दौरान आया एक सियार बच्चे को बगल स्थित बाजरे के खेत में उठा ले गया।
सियार के हमले जख्मी बच्चे के रोने-बिलखने पर खेतों में काम कर रहे अन्य मजदूरों ने लाठी-डंडा लेकर उसे दौड़ाया तो सियार बच्चे को छोड़कर भाग निकला। गंभीर रूप से जख्मी बच्चे को इलाज के लिए प्रयागराज के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शव घर लाकर परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर बृहस्पतिवार सुबह गांव में अंतिम संस्कार कर दिया। जिगर के टुकड़े की मौत से पीड़ित परिवार के लोगों की रो-रोकर हालत खराब है।