रविवार रात 9:57 बजे चंद्रग्रहण का अद्भुत नजारा दिखाई दिया। लोग घरों की छतों, बालकनियों और खुले स्थानों पर इकट्ठा होकर इस खगोलीय घटना का आनंद उठाते नजर आए। कई जगह लोग मोबाइल और कैमरों से चांद की बदलती खूबसूरती को कैद करते दिखे। पंडित ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि यह ग्रहण दुर्लभ खगोलीय अवसर है, जो विज्ञान और जिज्ञासा दोनों को प्रोत्साहित करता है। इसके ज्योतिष में अलग मायने हैं।